Published On : Tue, Jul 10th, 2018

आयुष्यमान भारत योजना : बढ़ेगी अस्पतालों की संख्या

नागपुर: राजीव गांधी जीवनदायी स्वास्थ्य योजना का लाभ आम नागरिकों को मिलने की बजाय बीमा कम्पनियों को मिलने का आरोप लगाते हुए विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उपस्थित किए गए मुद्दे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि उत्तर महाराष्ट्र और विदर्भ में इस योजना का लाभ देने के लिए कम अस्पताल हैं.

चूंकि योजना के लिए निर्धारित शर्तों का पालन करने में कुछ अस्पताल सक्षम नहीं होने से कई तहसीलों में 1 भी अस्पताल पैनल पर नहीं है, किंतु अब नए नियम निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे अंडर क्वालिफाई अस्पतालों को भी इस योजना का लाभ देने के लिए पैनल पर लिया जाएगा. उन्होंने कुछ अस्पतालों में कट प्रैक्टिस की चल रही धांधली के लिए फौजदारी मामले भी दर्ज करने का आश्वासन सदन में दिया.

40 प्रतिशत को ही मिलेगा लाभ
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का मानना था कि राज्य सरकार ने पुरानी महात्मा फुले जनस्वास्थ्य योजना जारी रखी है. इसके अलावा अब आयुष्यमान भारत योजना लागू की है. लेकिन नई योजना का लाभ केवल 40 प्रतिशत लोगों को ही मिल सकेगा. इस योजना का भी राज्य की जनता को लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार से राज्य के लिए निधि लेकर महात्मा फुले योजना को ही बड़ा आकार देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ही महात्मा फुले स्वास्थ्य योजना का केंद्र सरकार ने अनुकरण किया है.

यदि केंद्र सरकार से निधि के लिए अनुरोध किया जाए, तो कई लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जा सकता है. अन्य सदस्यों का मानना था कि हाल ही में कैग की रिपोर्ट के अनुसार राजीव गांधी स्वास्थ्य बीमा योजना में केवल 1 प्रतिशत लोगों को ही इसका लाभ मिला है. यहां तक कि योजना का कार्यान्वयन करने के लिए मरीज मित्र की नियुक्ति बीमा कम्पनियों की ओर से की जानी थी, लेकिन यह नहीं किया गया. अब आयुष्यमान भारत में 5 लाख तक बीमा संरक्षण देने का हवाला दिया जा रहा है.

दोनों योजनाओं का मिलेगा लाभ
सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा फुले योजना के लिए राशनकार्ड का आधार लिया गया था, जबकि आयुष्यमान भारत के लिए एसईसीसी के डाटा के आधार पर लाभार्थियों की संख्या का आकलन किया गया है. राज्य की योजना में 971 तरह की बीमारियों को शामिल किया गया था, जबकि केंद्र की योजना में 1340 बीमारियों के लिए लाभ देने का निर्णय लिया गया है.

इस तरह से दोनों योजनाएं कार्यान्वित होने से अधिक लोगों को स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल सकेगा.