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    Published On : Sat, Sep 1st, 2018

    दावा 50 का लेकिन 40 फ़ीसदी भी पूरा नहीं हुआ लिबर्टी फ्लाईओवर,

    नागपुर. शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है. लिबर्टी टाकीज से मेंटल अस्पताल तक फ्लाईओवर नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया द्वारा बनाया जा रहा है. एक ओर एनएचएआई फ्लाईओवर का कार्य 50 फीसदी पूरा होने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर सच्चाई कुछ और ही है. फ्लाईओवर का 60 फीसदी से अधिक काम अभी भी होना बाकी है.

    अब तक फ्लाईओवर के कुछ पिल्लरों के फाउंडेशन का काम होना बाकी है. इस मार्ग पर 3.96 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने का कार्य जारी है. निर्माण के लिए 2 वर्ष 3 महीने का समय दिया गया है, 1 वर्ष 8 महीने पूरे होने के बावजूद अब तक 50 फीसदी से भी कम निर्माण कार्य पूरा हो पाया है.

    ठेकेदार के पास इस ओवरब्रिज को बनाने के लिए केवल 7 महीने का समय बचा है. ठेकेदार को जहां फ्लाईओवर का आधा काम करने के लिए डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय लगा है वो कम्पनी केवल 7 महीनों में बाकी निर्माण कार्य इतने कम समय में भला कैसे करेगी, यह बात आम नागरिक की समझ से परे है. धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के चलते नागरिकों समेत राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

    सड़क बनी गिट्टी का ढेर

    निर्माण कार्य के चलते सड़कें संकरी होने के साथ-साथ बारिश के कारण सड़क पर लंबे और गहरे गड्ढे हो चुके हैं. इतनी परेशानियों के चलते राहगीर इस रास्ते पर अपने वाहनों को ले जाने से कतरा रहे हैं. वहीं बारिश के पानी से गड्ढों की गिट्टी निकल चुकी है. मार्ग पर सड़क की बजाय गिट्टी का ढेर नजर आ रहा है. बारिश के बंद होते ही वाहनों की यातायात और फ्लाईओवर के कार्य के चलते परिसर में धूल का गुबार उठ रहा है.

    इसके अलावा लिबर्टी चौक से लेकर अंजुमन कालेज चौक तक वाहनों का जाम लगा रहता है. सड़क की स्थिति बेहद खराब होने के कारण आए दिन लोग गिर रहे हैं.

    मार्च तक पूरा करेंगे कार्य

    प्राप्त जानकारी के अनुसार लिबर्टी चौक से मेन्टल अस्पताल चौक और काटोल रोड तक फ्लाईओवर निर्माण का काम किया जा रहा है. 23 जनवरी 2017 को फ्लाईओवर बनाने का टेन्डर केसीसी बिल्डकॉन लिमिटेड कम्पनी को दिया गया है. इस मार्ग पर कुल 218 करोड़ रुपये की लागत के साथ 3.96 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर का निर्माण होना है. छावनी, काटोल रोड और मेन्टल अस्पताल चौक से ओवरब्रिज का कार्य किया जा रहा है. ओवरब्रिज पूरा करने कि तिथि 28 मार्च 2019 है,

    लेकिन पिछले डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय में फ्लाईओवर का 50 फीसदी से भी कम काम पूरा हो पाया है और अब इतने कम समय में बचा हुआ काम पूरा कर पाना एनएचएआई के लिए किसी चुनौती के बराबर है, लेकिन अतिरिक्त मनुष्य बल और उपकरण लगाकर निर्धारित समय सीमा तक कार्य को पूरा करने का दावा विभागीय अधिकारी द्वारा किया जा रहा है.

    OCW की पाइप लाइन ने लटकाया 6 माह

    फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पिछले कुछ महीनों से बंद पड़ा था. कार्य करीब 6 महीने से भी अधिक समय तक बंद था. विभाग अधिकारी ने बताया कि ओसीडब्लू द्वारा पानी की पाइप लाइन ट्रेसिंग का काम चल रहा था. वहीं ट्रेसिंग करने के बाद भी पाइप लाइन नहीं मिलने से कार्य में देरी आई है,

    इसके अलावा मानसून अधिवेशन के दौरान क्षेत्र में भारी प्रमाण में यातायात प्रभावित था.

    ट्राफिक डायवर्जन नहीं होने से मजदूरों को काम करने के लिए ठीक से सुविधा नहीं मिल पाती थी और कांक्रीट ढोने वाले समेत अन्य वाहनों को कार्य वाली जगह तक पहुंचने के लिए भारी ट्राफिक का सामना करना पड़ता था.

    इस वजह से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 6 महीने तक बंद था.

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