Published On : Wed, Nov 27th, 2019

काटोल युवा सेना नायक राकेश सोनटक्के को आखिर का सलाम

शहीद राकेश के पार्थिव शरीर का शासकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया,हजारो नागरिकों ने दी श्रद्धांजली अर्पण

काटोल :-काटोल के सुपुत्र राकेश सोनटक्के इसका असम में युद्धाभ्यास प्रशिक्षण के दौरान गंभीर जखमी होने से २० दिनों तक जिन्दगी और मौत लडते हुए कोलकत्ता आर्मी कमांड अस्पताल में दि. २४ नवम्बर को रात ११.५० बजे इलाज के दौरान निधन हो गया .

भारतीय लष्कर में कार्यरत रहे नायक राकेश देविदास सोनटक्के 502 आर्मी सप्लाय कोर असम डिंगजाम यह युद्धाभ्यास प्रशिक्षण करते वक्त सर पर जबर्दस्त जखम होने से कोलकाता आर्मी कमांड अस्पताल में भरती किया गया था राकेश पार्थिव मंगलवार दि. २६ नवम्बर रोज रात को पेठबुधवार काटोल यह रहते निवास्थान पर लाया गया यही अंत्यदर्शन के लिए रखा गया था

इस समय अंत्यदर्शन संपूर्ण शहर नगर वासियों जनसैलाब आखिर बिदाई तथा दर्शन के उमडा जनसैलाब . दि. २७ नवम्बर रोज बुधवार को सुबह ९ बजे शासकीय सम्मान अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान सुभाष चौक पेठबुधवार से निकाली गईं यह अंतिम यात्रा आययुडीपी मार्गे धवड पेट्रोलपंप, विश्रामगृह, बसस्थानक, राष्ट्रवादी काँग्रेस कार्यालय, पोलिस स्टेशन सामने शहिद स्मारक यह पहुची इस जगह पूर्व सैनिक संघटना के रत्नाकर ठाकरे इनके नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने सलामी देकर श्रद्धांजली अर्पण की

उसके बाद डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इनके स्मारक के सामने पाच मिनिट रूककर गळपुरा चौक, शारदा चौक, राममंदिर, महादेव मंदिर वडपुरा, भाटपुरा, हत्तीखाना, अण्णाभाऊ साठे नगर या मार्गावरून पेठबुधवार यह स्मशानभूमी पहुंच कर शासकीय सम्मान के साथ गार्डस रेजिमेंट, आर्टिलरी रेजिमेंट व आर्मी सप्लाय कोअरच्या जवानों ने आखिर सलामी देकर अंतिम संस्कार किया गया। .आज सुबह से ही जब भारतीय सेना में असम में पदस्थ काटाेल जवान राकेश देवीदास सोनटक्के युध्दाभ्यास के दौरान शहीद होने से इनका अन्तिम संस्कार दौरान संपूर्ण शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी जिसके चलते आज सुबह से ही संपूर्ण काटोल शहर का व्यापार दूकानें बन्द रककर श्रद्धांजली अर्पण की गई.