महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र को गरमाएगा जमीन घोटाले का मामला

नागपुर: मॉनसून सत्र से ठीक 2 दिन पहले कांग्रेस ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर 1 हजार 768 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में ‘भूखंड का श्रीखंड’ खाने का आरोप लगाकर चेता दिया है कि वह कम से कम इस बार ‘मौनी बाबा’ नहीं बनी रहेगी। बरसात के इस सत्र में वह सरकार पर आरोपों की बौछार ही नहीं करेंगी, अपितु सरकार के कारनामे जनता के सामने रखेगी। सदन में शिवसेना भी विपक्ष की भूमिका में दिखाई दे, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। नाणार रिफाइनरी और प्लास्टिक बंदी को लेकर सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना के बीच पहले से ही वाकयुद्ध जारी है। इनके बीच जारी वाकयुद्ध का फायदा कांग्रेस-राकांपा कितना उठा पाते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।

मुख्यमंत्री की चाय पार्टी को बहिष्कार
अधिवेशन की पूर्व संध्या पर सरकार विपक्ष को चाय पार्टी के लिए आमंत्रित करती है, ताकि सरकार और विपक्ष के बीच तालमेल बन सके और सदन की कार्यवाही अच्छी तरह से चल सके। कई सालों से देखने में आया है कि विपक्ष सरकार पर कई आरोप लगाते हुए चाय पार्टी का बहिष्कार करता है। भाजपा जब विपक्ष में थी, वह भी ऐसा ही करती रही है और अब कांग्रेस-राकांपा उसी मूड में नजर आए।

सरकार की एक्सपायरी डेट नजदीक
मॉनसून सत्र की पूर्व संध्या पर विधानसभा में विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील और विधान परिषद के नेता विपक्ष धनंजय मुंडे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार की एक्सपायरी डेट खत्म होने को है। अक्टूबर’19 से पहले ही सरकार जा सकती है। विखे पाटील ने कहा कि पिछले चार साल में यह सरकार पूरी तरह से असफल रही है। इसने जनता का विश्वास खो दिया है। किसान की आत्महत्या रोकने और किसान कर्जमाफी पर बुरी तरह असफल रही है। महंगाई और बेरोजगारी उफान पर है। महाराष्ट्र की ऐसी स्थिति कभी नहीं हुई थी। जून 2017 से मई 2018 तक 2700 किसानों ने आत्महत्या की है। भ्रष्टाचार के मामले में सरकार ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं और आश्चर्य की बात है कि मुख्यमंत्री खुद भ्रष्टाचारियों को बिना किसी जांच के क्लीन चिट दे रहे हैं।

बीजेपी का मंगलसूत्र पहले ले शिवसेना
नाणार परियोजना को लेकर मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राकांपा ने शिवसेना पर निशाना साधा है। विखे पाटील ने कहा कि नाणार परियोजना के मुद्दे पर भाजपा बार-बार शिवसेना का अपमान कर रही है, लेकिन शिवसेना भाजपा का ‘मंगलसूत्र’ पहने बैठी है। अगर शिवसेना मंगलसूत्र उतार दे, तो यह सरकार धराशायी हो जाएगी। वहीं धनंजय मुंडे ने कहा कि नाणार परियोजना के लिए सऊदी अरब की जिस कंपनी के साथ करार किए जा रहे हैं, वह पहले इंडोनेशिया भी गई थी, वहां की सरकार ने उसे भगा दिया। उसी कंपनी को भाजपा सरकार कोकण में परियोजना लगाने के लिए जगह दे रही है।

अफवाह की सरकार
विखे पाटील ने कहा कि यह सरकार अफवाह फैलाकर ही चार साल से सत्ता में बनी हुई है। मराठा आरक्षण, मुस्लिम आरक्षण, धनगर आरक्षण, छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबा साहेब आंबेडकर स्मारक- इन मुद्दों पर सरकार चार साल से हवाबाजी कर ही है, नतीजा कुछ नहीं निकला। इस पर मुंडे ने कहा कि मराठा आरक्षण को सरकार ने कोर्ट में डाल दिया। किसी को आरक्षण नहीं दिया। युवकों को रोजगार देने के मुद्दे पर सरकार ने केवल अफवाह फैलाई है।

मुंडे ने कहा कि सरकार ने मॉनसून अधिवेशन नागपुर में क्यों आयोजित किया? इसकी वजह स्पष्ट नहीं है। सदन में सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि अगले 13 दिनों में सदन में घोषणाओं की बारिश देखने को मिलेगी, लेकिन सरकारी घोषणाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। किसानों को फसल का कर्ज नहीं मिल पा रहा है। बैंक के अधिकारी किसानों की पत्नियों से शरीर सुख की मांग कर रहे हैं।