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    Published On : Mon, Sep 9th, 2019

    किसके डर से दाभा, गोरेवाड़ा और गिट्टीखदान परिसर में प्लॉट खरीदने से कतराते है लोग ?

    नागपुर: नागपुर शहर में करीब 2 साल पहले गिट्टीखदान क्षेत्र के भूमाफिया दिलीप ग्वालबंशी की लोगों की जमींन हड़पने का मामला सामने आया था. जिसके बाद पुरे शहर में हलचल मच गई थी. नागपुर पुलिस ने भी इसपर सख्त कदम उठाते हुए एसआईटी गठित की थी. इसके बाद पीड़ितों से अपील भी की गई थी. जिन नागरिको की जमींन पर कब्जा किया गया है. वे विभाग में आकर शिकायत करे. इसके बाद हजारों की तादाद में पीड़ितों की शिकायत विभाग के पास पहुंची थी. इसमें सबसे ज्यादा शिकायते भूमाफिया दिलीप ग्वालबंशी के खिलाफ आयी थी. जिसके चलते नागपुर पुलिस ने दिलीप ग्वालबंशी और उनके साथियो पर मकोका के तहत कार्रवाई की थी.

    जानकारी के अनुसार दो साल के बाद भी दिलीप ग्वालबंशी द्वारा जमींन हड़पने के मामले के बाद अब यहां के लोग दुसरो से भी जमींन खरीदने के लिए कई बार सोचते है. इस दौरान ‘ नागपुर टुडे ‘ ने आम नागरिको से बात की, तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की पहले भी वे पूछताछ करके ही प्रॉपर्टी खरीदते थे. लेकिन जबसे इस परिसर में यह मामला हुआ है. वे इस परिसर में या फिर दूसरी जगह कड़ी पूछताछ, छानबीन और कई लोगों से बातचीत करने के बाद ही जमींन या प्लॉट खरीदते है.

    इस क्षेत्र में ग्वालबंशी परिवार का काफी दबदबा है. इनमे से कुछ लोग अभी राजनीती में भी आ गए है. गिट्टीखदान, गोरेवाड़ा, दाभा और इस तरफ के क्षेत्र में कई जमींनो पर दिलीप ग्वालबंशी ने कब्जा किया था. इनमे से ग्वालबंशी के साथियो पर आपराधिक मामले भी दर्ज है.

    वर्ष 2017 में लगभग 2500 शिकायतों में 701 आवेदन एसआईटी के पास आए थे. इनमें से 290 आवेदन ग्वालवंशी परिवार के विरोध में थे . 340 आवेदन अन्य आरोपियों के विरोध वाले थे. सोसाइिटयों के खिलाफ 480 शिकायतें थी. व्यक्तिगत 210 शिकायतें एसआईटी के पास आई थी. इस तरह एसआईटी के पास करीब 2500 शिकायतें आ चुकी थी.

    इस मामले के बाद ग्वालबंशी परिवार के कई लोगों की छानबीन भी हुई थी. ऐसा नहीं है की इनके परिवार में केवल कुछ ही लोगों पर आपराधिक मामले दर्ज है. अभी कुछ दिन पहले परिसर के ही नगरसेवक जगदीश ग्वालबंशी की मृत्यु हुई थी. इनके बेटे पर भी एक ऑफिस में मारपीट का मामला कुछ वर्ष पहले दर्ज हुआ था . इस मामले में यह जेल की हवा भी खा चुका है. अपने पिता की मौत के बाद खाली हुई उनकी नगरसेवक की सीट पाने के चक्कर में अभी हालही में यह परिसर में नेतागिरी करते हुए दिखाई देता है, इसके साथ ही टिकट पाने के लिए नेताओ के घर के चक्कर भी लगाने की जानकारी सामने आयी है.

    पश्चिम क्षेत्र में इस तरह से जमींन हथियाने के कारण इतने दिनों बाद भी इस क्षेत्र में लोग जमींन खरीदने से पहले कई बार सोचते है. इसके बाद भी ग्वालबंशी के अलावा नागपुर पुलिस ने जर्मन-जापान गैंग के सदस्यों पर भी मकोका के तहत कार्रवाई की थी. इनका भी काफी समय से जमींन हड़पने का ही काम था.

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