Published On : Thu, Apr 19th, 2018

राज्य के भूमिधारी किसान बनेंगे भूमिस्वामी : ​पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले

Chandrashekhar Bawankule
नागपुर: किसानो भूमि के अधिकार के संबंध में राज्य सरकार द्वारा अहम निर्णय लिया गया जिससे विदर्भ के एक लाख से अधिक किसान भूमिधारी से भूमिस्वामी बन जायेगे। वर्गीकृत भूमि अधिकारों पर लिए गए महत्वपूर्व निर्णय में वर्ग 2 समाविष्ट किसानों को वर्ग एक में लाने का फ़ैसला। इस संबंध में गठित चंद्रकांत दादा पाटिल की समिति ने यह फैसला लिया। इस फैसले से नागपुर जिले के लगभग 41 हजार किसानों के साथ विदर्भ के 1 लाख से अधिक किसानों को फ़ायदा होगा। समिति द्वारा लिए गए निर्णय में इस प्रक्रिया के लिए किसानों से किसी भी तरह का शुल्क वसूला नहीं जाएगा। इस समिति के सदस्य और नागपुर जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को एक पत्र परिषद लेकर फ़ैसले की जानकारी दी। बावनकुले के साथ वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, ग्रामविकास मंत्री पकंजा मुंडे, सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बड़ोले इस समिति के सदस्य थे। निर्णय के संबंध में बावनकुले ने बताया कि बीते 15 वर्षो से यह मामला प्रलंबित था। यह ऐतिहासिक निर्णय है जिसका फ़ायदा किसानों को होगा। और सबसे ज्यादा निर्णय भंडारा-गोंदिया जिले में होगा यहाँ विदर्भ से सबसे अधिक किसान है। इस फैसले की वजह से खुद ब खुद प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। इससे पहले इस प्रक्रिया के लिए किसानो को आवेदन करना पड़ता था और शुल्क भी जमा करना पड़ता था।

जितना पैसा तीस वर्ष में नहीं मिला उतना तीन साल में उपलब्ध कराया
पालकमंत्री ने बताया की नागपुर जिले के विकास निधि के रूप में वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिला वार्षिक नियोजन के तहत 651 करोड़ रूपए की मंजूरी राज्य सरकार ने दीए है। बीते तीन वर्षो में लगातार डीपीसी की रकम बढ़ रही है। एक तरह से मै कह सकता हूँ जितनी रकम बीते तीस वर्षो में नहीं मिली उतनी हमारी सरकार से तीन वर्षो से उपलब्ध कराई है। इसके अलावा एसटीपी और टीएसपी योजना के तहत मिलने वाली राशि में भी वृद्धि हुई है।

इतिहास में सबसे अधिक बिजली का निर्माण
ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया की मौजूदा सरकार से शासनकाल में सबसे अधिक बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया गया है। 17 अप्रैल 2018 को 23 हज़ार 300 मेगावॉट बिजली पारेषित की गई जो रिकॉर्ड है।

30 साल पुराने बिजली उत्पादन प्रकल्पो की जगह आगामी तीन वर्ष में स्थापित होंगे नए प्रकल्प
केंद्र सरकार की तरफ से राज्य को बीते 25 -30 वर्षो से संचालित बिलजी उत्पादन प्रकल्पो की जगह नए प्रकल्प स्थापित करने का आदेश भेजा गया है। इस आदेश में कहाँ गया है की वर्षो पुराने इन प्रकल्पो की वजह से प्रदुषण अधिक हो रहा। इसलिए इनकी जगह नए प्रकल्प स्थापित किये जाए। केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए इस आदेश पर ऊर्जा मंत्री ने बताया की आने वाले तीन सालो में इस काम को कर लिया जायेगा। नए प्रकल्प स्थापित करने का प्रयास शुरू हो चुका है। बीते दिनों उनके सामने जापान और चायना में शुरू प्रकल्पों की तकनीक का प्रजेंटेशन हुआ है। ऊर्जा मंत्री ने उमरेड में कोयला खदानों के पास दो बिजली उत्पादन प्रकल्प निर्मिति की जानकारी भी दी।

ग्रामपंचायत बुटीबोरी को नगर परिषद का दर्जा
नागपुर जिले के अंतर्गत आने वाली बुटीबोरी ग्रामपंचायत को अब नगर परिषद का दर्जा प्राप्त हो चुका है। बुधवार को राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। 1958 में बुटीबोरी ग्रामपंचायत की स्थापना की गई थी। ईलाके की जनसँख्या और क्षेत्रफल को देखते हुए 3 अगस्त 2017 को जिलाधिकारी ने नगर परिषद का दर्जा दिए जाने की वकालत राज्य सरकार से की थी। बुटीबोरी नगर परिषद की रचना पूर्ण होने तक वाड़ी नगर परिषद के मुख्यधिकारी को बतौर प्रशासक नियुक्त किया गया है।

झुड़पी-जंगलों को लेकर जल्द होगा निर्णय
राज्य सरकार की तरफ से झुड़पी जंगल की उपयोग श्रेणी में बदलाव किये जाने का निवेदन करते हुए प्रस्ताव केंद्र सरकार से किया गया है। विदर्भ मे लगभग 96 हजार हेक्टर झुड़पी जंगल क्षेत्र है। वन कानून के नियमों की वजह से इस जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। पालकमंत्री के अनुसार अगर केंद्र सरकार नियम को शिथिल कर देती है तो इससे विदर्भ के विकास में मदत मिलेगी।

21 अप्रैल से 22 सितंबर तक नहीं होंगे कोराड़ी माता के दर्शन
राज्य सरकार की मदत से कोराड़ी देवस्थान के जीर्णोद्धार का काम इन दिनों शुरू है। पालकमंत्री मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष भी रहे है। उन्होंने जानकारी दी की मंदिर के गर्भगृह के काम शुरू होने की वजह से 21 अप्रैल से 22 सितंबर तक माँ जगदंबा के दर्शन भक्त नहीं कर पाएंगे। बावजूद इसके अगर फिर भी कोई भक्त दर्शन की अभिलाषा लेकर मंदिर पहुँचता है तो वह माँ की प्रतिमूर्ति के दर्शन कर सकता है।