
नागपुर: नागपुर से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले स्थित कुकड़ीखापा जलप्रपात घूमने पहुंचे चार युवकों की जान उस समय खतरे में पड़ गई, जब अचानक झरने का जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव के बीच चारों युवक चट्टानों पर फंस गए। सूचना मिलने के बाद SDRF की टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना मोहखेड़ थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। नागपुर निवासी श्याम बोरकर (25), अथर्व ओके (22), मनीष उइके (25) और सतीश बावने (23) रविवार को कुकड़ीखापा जलप्रपात घूमने पहुंचे थे।
अचानक बढ़ा पानी, चट्टान पर फंसे युवक
प्राकृतिक नजारा देखने के दौरान चारों युवक झरने के बीच चट्टानों तक पहुंच गए। इसी दौरान ऊपरी इलाकों में हुई बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते पानी का बहाव तेज हो गया और युवकों के लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया।
स्थिति बिगड़ने पर घटना का वीडियो सामने आया और स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
पुलिस के बाद SDRF ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही उमरानाला चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF टीम को रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया।
SDRF के जवान आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और करीब 150 फीट गहरी खाई तथा तेज पानी के बहाव के बीच बचाव अभियान शुरू किया।
रस्सियों और लाइफ जैकेट से किया रेस्क्यू
रेस्क्यू टीम ने रस्सियों की मदद से खाई में उतरकर युवकों तक पहुंच बनाई। चारों को लाइफ जैकेट और लाइफ बॉय उपलब्ध कराए गए और एक-एक कर सुरक्षित स्थान की ओर लाया गया।
करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों युवकों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
दोपहर में मिली थी सूचना
SDRF कंपनी कमांडर गणेश कुमार धुर्वे के अनुसार, टीम को दोपहर करीब 2 बजे घटना की सूचना मिली थी। आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ टीम रवाना हुई और करीब एक घंटे में घटनास्थल पर पहुंची।
इसके बाद लगभग 3 से 3.15 बजे के बीच रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। जवानों ने रस्सी के सहारे नीचे उतरकर युवकों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
मानसून में जलप्रपातों पर सावधानी जरूरी
इस घटना ने मानसून के दौरान जलप्रपातों और नदी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। ऊपरी इलाकों में बारिश होने पर जलस्तर कुछ ही समय में तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नीचे मौजूद पर्यटकों को संभलने का मौका भी नहीं मिलता।
प्रशासन और विशेषज्ञों की सलाह है कि बारिश के मौसम में पर्यटकों को जलप्रपात, नदी, बांध और गहरे जलक्षेत्रों में निर्धारित सुरक्षित सीमा से आगे नहीं जाना चाहिए। चट्टानों पर उतरकर फोटो या सेल्फी लेने से भी बचना चाहिए।
समय पर SDRF के पहुंचने से नागपुर के चारों युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
संदेश साफ है—प्रकृति का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा की सीमा पार न करें।





