
नागपुर: कोराडी की KTPS कॉलोनी में चाचा के घर हुई लाखों रुपये की चोरी का क्राइम ब्रांच यूनिट-6 ने महज 24 घंटे में खुलासा किया है। चोरी का आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि फरियादी का अपना भतीजा निकला। आरोप है कि आरोपी ने डुप्लीकेट चाबी की मदद से तिजोरी खोलकर उसमें रखे सोने के आभूषण चोरी कर लिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 23 तोला सोना और एक मोबाइल फोन समेत 27 लाख 78 हजार रुपये का माल बरामद किया है।
मदद के बहाने चाचा के घर आता-जाता था
मामला कोराडी थाना क्षेत्र की KTPS कॉलोनी का है। यहां MSEB कर्मचारी संदीप वानखेडे के घर से सोने के आभूषण चोरी होने की शिकायत पुलिस को मिली थी। शिकायत मिलते ही क्राइम ब्रांच यूनिट-6 ने मामले की समानांतर जांच शुरू की।
पुलिस ने गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर अमरावती जिले के चांदूर निवासी 23 वर्षीय शांतनू चंदू वानखड़े को हिरासत में लिया।
जांच में सामने आया कि शांतनू फरियादी के बड़े भाई का बेटा है। करीब दो महीने पहले संदीप वानखेडे की बाईपास सर्जरी हुई थी। उस दौरान मदद के लिए शांतनू उनके घर आया था। इसके बाद भी उसका चाचा के घर आना-जाना जारी रहा।
डुप्लीकेट चाबी से खोली तिजोरी
पुलिस के मुताबिक, घटना से करीब दो दिन पहले शांतनू फिर चाचा के घर आया था। इसी दौरान उसने घर और तिजोरी के बारे में जानकारी हासिल की।
आरोप है कि घटना वाली सुबह उसने डुप्लीकेट चाबी की मदद से तिजोरी खोली और उसमें रखे सोने के सिक्के, मंगलसूत्र, चेन, चूड़ियां, ईयरिंग्स और अंगूठियों समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया।
इसके बाद वह अपने गांव जाने के लिए निकल गया। बताया जाता है कि चाचा ने खुद उसे बस स्टैंड तक छोड़ा था। दो दिन बाद जब घर में चोरी का पता चला तो परिवार के होश उड़ गए।
27.78 लाख रुपये का माल बरामद
क्राइम ब्रांच की जांच में शांतनू पर शक गहराया। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे उसके घर से हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी का माल बरामद कर लिया गया।
बरामद माल में करीब 23 तोला सोना और Vivo मोबाइल फोन शामिल है। जब्त माल की कुल कीमत करीब 27 लाख 78 हजार रुपये बताई गई है।
आरोपी की मेडिकल जांच के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोराडी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
चाचा के घर भरोसे के साथ आने वाला भतीजा ही चोरी का आरोपी निकलने से परिवार भी हैरान है। वहीं क्राइम ब्रांच यूनिट-6 ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर महज 24 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए चोरी का लाखों का माल बरामद कर लिया।




