Published On : Fri, Jul 31st, 2020

कोविड -19 : मनपा ने मांगे 664 कर्मी

– उपसंचालक आरोग्य सेवा व जिला शल्य चिकित्सक व नोडल अधिकारी कोविड-19 को लिखा 25 जून को पत्र

नागपुर – कोविड-19 को लेकर चुस्त-स्फूर्ति दिखाने वाली मनपा प्रशासन ने 25 जून 2020 को उपसंचालक आरोग्य सेवा व जिला शल्य चिकित्सक व नोडल अधिकारी कोविड-19 को पत्र लिख 664 कर्मियों की मांग की। दूसरी ओर मेयो में 75 तो मेडिकल में 175 कर्मियों की कमी हैं। इस वजह से मनपा की मांग कागजों तक सीमित रह गई।

याद रहे कि मनपा प्रशासन ने कोविड-19 के तहत खुद की पीठ थपथपाने के लिए हर प्रकार से खुद को सक्षम दर्शाया। इस चक्कर में शहर के तमाम जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया। जिससे तत्काल तो जंग जितने में मनपा प्रशासन को सफलता मिल गई लेकिन लगभग पिछले 3 सप्ताह से शहर में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा होते जा रहा हैं।

आलम यह हैं कि उक्त तथाकथित प्रशासन से शहर नहीं संभल रहा।जबकि 3 श्रेणी में मरीजों के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए थी।प्रशासन और जनता के मध्य समन्वय बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किये जाने से वर्तमान काल भगवान भरोसे हो गया। 26 जून को लिखे पत्र के अनुसार आईजीआर के लिए 198,पांचपावली के लिए 160,आइसोलेशन के लिए 150,कोविड केअर सेंटर के लिए 116 कर्मियों की मांग की गई थी।

आलम तो यह हैं कि मनपा के मुख्य प्रशासकीय इमारत के 3 विभाग अग्निशमन,स्वास्थ्य विभाग व स्मार्ट सिटी में पॉजिटिव सह संदिग्ध कोरोना मरीज मिले। इन सभी को न तो 14-14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया और न ही विभाग सिल की गई,क्या मनपा कर्मियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का भी मनपा प्रशासन को अधिकार प्राप्त हैं। ऐसा ही रह तो शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों में इजाफा होंगा और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे एक-दूसरे का मुंह ताकती रह जाएंगी।

मनपा प्रशासन लॉकडाउन करने पर आज दोपहर तक आमादा थी,आज मनपा में महापौर की अध्यक्षता में बैठक हुई,बैठक से मनापायुक्त नदारत थे,बताए गए कि वे पालकमंत्री की बैठक के लिए गए थे। बैठक में कल से लॉकडाउन न लगाने के लिए आम सहमति बनी और 12 मीटर से चौड़ी सड़क पर ऑड-इवन पद्दत बंद करने का निर्णय लिया गया,अब ऑड-इवन 12 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर ही होंगी,अर्थात 1 दिन एक तरफ का तो दूसरे दिन दुसरे तरफ की दुकानें खुला करेंगी।

इस बैठक में उपस्थित शिवसेना संसद कृपाल तुमाने ने कहा कि मनापायुक्त को लॉकडाउन लगाने की जिद्द हैं तो लगाए लेकिन एक प्रतिज्ञापत्र दे कि इसके बाद एक भी नहीं कोरोना पॉजिटिव निकलेगा। और एपीएल और बीपीएल के खातों में 15-15 हज़ार रकम देकर महीनों लॉक डाउन लगा लें।