Published On : Thu, Jun 4th, 2015

कोराडी : विद्युत कंपनी के सेवानिवृतों को मिलेगा गट बीमा का लाभ – पालकमंत्री

MLA BAWANKULE 1Guardian
कोराडी (नागपुर)। महाराष्ट्र राज्य विद्युत महामंडल में काम करने वाले और विद्युत मंडल का महानिर्मिती, महावितरण, महापरिषण में बदलाव होने के बाद सेवनिवृत्तों को वैद्यकीय गट बीमा योजना का लाभ मिलेगा. ऐसी जानकारी म.रा.विद्युत ज्येष्ठ नागरिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबा नागपूरकर ने पत्र द्वारा दी है.

म.रा. विद्युत निर्मिती, परिषण, वितरण इन कंपनियों में खतरों की जगह काम करने वाले कर्मचारियों को आजीवन वैद्यकीय सेवा का लाभ दिया जायेगा. म.रा.वि. मंडल कंपनी का बदलाव होने के बाद इन कंपनियों से सेवा निवृत्त हुए कर्मचारीं, जैसे राख, कोयला, उष्णता, रासायनिक पदार्थ, बिजली खंभे, उच्च दाब तारों, खाईयों के क्षेत्र में तीनों शिफ्ट में काम कर चुके है. ऐसे कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम हुआ है. किसी को पक्षघात, टूटे हाथ, अंधत्व, हांथों की उंगलिया टूटना, लकवा, पेट की बिमारी ऐसे बिमारियों से पीड़ित सेवनिवृत्तों को इस बीमा का लाभ मिलेगा.

ऐसे कर्मचारियों को सेवा निवृत्ती के बाद कोई भी वैद्यकीय लाभ नही मिलता था. ये लाभ मिले इसलिए महाराष्ट्र विद्युत निवृत्त ज्येष्ठ नागरिक संघ हमेशा प्रयास करता रहेगा.  न्याय मांगने के संदर्भ में संघटना के प्रतिनिधि और उर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुंबई स्थीत मुख्यालय प्रकाशगढ़ में इस संदर्भ में चर्चा की. ऊर्जा खाते के प्रधान सचिव मुकेश खुल्लर, कंपनी की ओर से अभिजीत देशपांडे, डा. केले, भांडारवाड, वाघमारे, ढोके इन अधिकारियों ने चर्चा सत्र में भाग लिया. 1 जनवरी 2015 से कर्मचारींयों को वैद्यकीय गट बीमा योजना लागु हुई है. इसीके साथ सेवा निवृत्तों को भी इसका लाभ देने का निर्देश ऊर्जामंत्री ने अधिकारियों को दिया.

इस निर्णय का संघटना के बाबा नागपूरकर, नानासाहेब बिचवे, के.पी. राउत बाबूराव शिंदे, मुंगसे ने स्वागत किया है. इसके अतिरिक्त निवृत्त कर्मचारिंयों को पहचान पत्र देना, महानिर्मिती विश्राम गृह में सस्ते दाम में रहने की सुविधा, निवृत्ती के समय सेवानिवृत्ति प्रत देना, छह महीने में एक बार अधिक्षक स्तर पर और मुख्य कार्यालय स्तर पर साल में एक बार शिकायत निवारण बैठक लेना, कामगार निधि से मिलनेवाला लाभ सेवा सेवनिवृत्तों को लागु करना, अंतिम विधि के लिए निधि जुटाना आदि मांगों को मंजूरी मिली है.

कर्मचारी निवृत्ति वेतन 1995 के बदले खुद की योजना चलाकर नवंबर 2005 के पहले से शासन में निवृत्ति वेतन योजना तैयार करने लिए चर्चा का आश्वाशन इस बैठक में दिया गया. उर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागरिकों की मांग स्वीकार करने पर स्वागत किया है.