Published On : Sat, Jan 19th, 2019

कराटे में पीएचडी पाने वाले देश के पहले शख्स बने शहर के जाकिर खान

नागपुर: कहावत है, पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब. लेकिन शहर के जाकिर खान इस कहावत को झुठला चुके हैं. उन्होंने कराटे खेल में पीएचडी हासिल की है. इस तरह जाकिर देश में पहले ऐसे शख्स बन गए हैं जिसे कराटे में पीएचडी अवार्ड हुई है.

सदर स्थित अंजुमन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के ज़ाकिर खान को शनिवार को हुए 106वें दीक्षांत समारोह में कराटे में पीएचडी की उपाधि देकर सम्मानिक किया गया. उनके पीएचडी का टॉपिक ” ए स्टडी ऑफ़ फिजिकल एंड सायकोलॉजिकल डेवलपमेंट थ्रू कराटे (मार्शेल आर्ट ) इन सेकेंडरी स्कूल स्टूडेंट्स ‘ था. उन्होंने यह पीएचडी नागपुर यूनिवर्सिटी के सीनेट मेंबर व पीडब्लूएस कॉलेज के प्रिंसिपल यशवंत पाटिल के गाइडेंस में पूरी की. दीक्षांतसमारोह में यह पीएचडी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, एचसीएल के सीएमडी शिव नादर के हाथों, वाइस चांसलर डॉ. एसवी काणे, प्रो वाइस चांसलर प्रमोद येवले और विभिन्न संकायों के डीनों की मौजूदगी में प्रदान किया गया.

जाकिर ब्लैक बेल्ट में 7वें डैन मित्सुया-काइकइ एंड डब्ल्यूकेएफ व कराटे डो एसोसिएशन ऑफ नागपुर डिस्ट्रिक्ट के प्रसिडेंट हैं. साथ ही टूर्नामेंट कमिशन मेम्बर ऑफ कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कराटे महाराष्ट्र स्पोर्ट्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष हैं. वे महाराष्ट्र पुलिस समेत, डब्ल्यूसीएल और पैरा मिलिटरी फोर्स को कराटे का प्रशिक्षण देते आ रहे हैं. ऑरेंज सिटी में 1981 से उम्र के दसवें वर्ष से कराटे का प्रशिक्षण देते आ रहे हैं.

जाकिर खान के मेंटर कराटे इंडिया के संस्थापक व वर्तमान में कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया एंड टेक्निकल कमिशन मेंबर ऑफ वर्ल्ड कराटे फेडरेशन के उपाध्यक्ष हंशी भारत शर्मा हैं. जाकिर ने अपनी पीएचडी का श्रेय उन स्कूली विद्यार्थियों को दिया है जिन्होंने पीएचडी के दौरान रिसर्च वर्क में उनके मदद की. साथ ही मित्सुया कइ कराटे इंडिया के इंस्ट्रक्टर और विद्यार्थियों, इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों, कॉलेज और कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मित्रों और सहयोगियों और परिवार के सदस्यों को दिया है.