Published On : Thu, Nov 7th, 2019

कनक के ठेकेदार कर्मियों को बीवीजी व एजी अपनाए

आज दोपहर हज़ारों कामगारों के शिष्टमंडल मनपा अतिरिक्त आयुक्त जोशी से मिला,मिला संयुक्त बैठक का आश्वासन

नागपुर: मनपा द्वारा शहर से रोजाना कचरा संकलन की जिम्मेदारी कनक निभा रही थी,उनका कार्यकाल समाप्ति बाद बीवीजी व एजी नामक समूह को जिम्मेदारी दी गई। यह कंपनी पुराने कर्मियों से दूरी बनाई हुई हैं, इन्हें बेरोजगार होने से बचाने के लिए कांग्रेस का असंगठित कामगार इकाई ने आज दोपहर मनपा के अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी से मुलाकात की। जोशी ने 15 नवंबर के पूर्व आयुक्त से चर्चा कर संयुक्त बैठक आयोजन करने का आश्वासन दिया।

कनक के पास 1700-1800 कामगार थे,इनका ठेका समय सीमा समाप्त होने के बाद बीवीजी व एजी कंपनी को शहर के कचरा संकलन का ठेका दिया गया। यह कंपनी तकनीकी व निरीक्षक स्तर के कर्मी बाहर याने पुणे से ला रहे और सफाई कामगारों की भर्ती फूंक- फूंक कर रही।

आज के शिष्टमंडल ने जोशी को जानकारी दी कि उक्त दोनों कंपनियां कामगारों से नियुक्ति पत्र देने के बजाय काम पर रखने वाले कर्मियों से इस्तीफा पत्र ले रही। कोरे 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवा रही। उक्त दोनों कंपनियों का कार्यालय नहीं हैं,इनका प्रतिनिधि कहीं भी और कुछ भी मांग करता हैं।

याद रहे कि बीवीजी को जोन 6 से 10 और एजी इनवाइरो को जोन 1 से 5 के कचरा संकलन का ठेका दिया गया। शिष्टमंडल ने यह मांग की कि कनक के कामगारों के प्रतिनिधिमंडल,विपक्ष के नेतृत्वकर्ता व मनपा प्रशासन की संयुक्त बैठक 15 नवंबर के पूर्व हो और आगे की रूपरेखा सह कनक के सभी कामगारों की बिना किसी जांच पड़ताल के उन्हें बीवीजी व एजी अपनाए और उनके अनुभव के आधार पर काम दे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो 15 नवंबर से न चाहते हुए भी कामबंद आंदोलन करना पड़ेंगा।

जोशी से शिष्टमंडल ने यह भी मांग की कि कनक के कामगारों के 4 फरवरी 2019 व 5 अगस्त 2019 के अध्यादेश अनुसार न्यूनतम वेतन का बकाया भी कनक से वसूल कर उन्हें दिलवाया जाए। इस मामले पर जोशी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया।