Published On : Sat, Sep 5th, 2020

कैलाश खेर ने सिंधी समाज से सार्वजनिक माफी मांगी

अपना ट्वीट वापिस लेंगे।

नागपुर, गत कई दिनों से पूरे विश्व मे सिंधी समाज गायक कैलाश खेर से बेहद नाराज था उन्होंने ट्वीट कर सिंध को राष्ट्रगान से निकालने की बात लिखी थी।।आज गुरुवार को पूरे विश्व के सिंधी समाज के संग़ठन विश्व सिंधी सेवा संगम के जेंटलमेन शो में इसी संदर्भ में लाइव वेब शो में आमंत्रित किया गया था।।विश्व सिंधी सेवा संगम महाराष्ट्र के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष लायन डॉ राजू मनवानी ने जब कैलाश खेर से इस संदर्भ में प्रश्न पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे तात्पर्य से ट्वीट नही किया बिना सिंध के हिन्द अधूरा है।

उन्होंने पूरे विश्व के 97 देशों के दर्शकों से सार्वजनीक माफी मांगते हुए कहा।अगर समाज को किसी भी प्रकार का दुख हुआ है तो में हाथजोड़कर माफी मांगता हूं।।डॉ राजू मनवानी को उन्होंने प्रोग्राम के पश्चात वह अपना ट्वीट वापिस ले लेंगे।।मोटवानी ने बताया कि उनको जिंदगी में सीख, मुम्बई में रहने के लिए पहिला भाड़े का घर और उन्होंने पहिला गाना सिंधी में गाकर जीवन की शुरुआत की है।


उनके जीवन को संवारने वाले गुरु स्वामी प्रचानन्द जी भी सिंधी थेसिंधी समाज से उनका गहरा नाता है।।उन्होंने अपने जीवन यात्रा के बारे में बताया कि 1998 में उनको व्यापार में भयंकर घाटा होने से उन्होंने आत्महत्या करने की सोची लेकिन साधु संतों द्वारा मुझे जीने की प्रेरणा और अपने प्रवचनों से जीने का आधार दिया।उसके बाद भाग्य ने करवट ली और में बिना कोई ट्रेनिंग या ज्ञान के भोलेनाथ की कृपा से सूफी गायक बन गया।

उन्होंने सिंधी गाना लाल मेरी पत गाकर प्रभावित किया।उन्होंने कई सूफी गीत गाये।।अंत मे उन्होंने सिंधी समाज का आभार मान पुनः क्षमायाचना की और कभी भी सिंधी समाज के लिए उन्हें बुलाने पर तुरंत आने का वादा किया।.

मोटवानी ने बताया कि भारती छाबरिया ने उनका परिचय दिया और युवाओं के लिए संदेश देने को कहा।संस्थापक दादा गोपालदास सजनानी ने भी उनका आभार माना और उनकी वाणी सुन उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया है।सुहिना सिंधी के पीताम्बर पीटर ढलवानी ने उनका आभार माना।।पूरे कार्यक्रम में कुशलता से संचालन डॉ लायन राजू मनवानी ने किया।।।