
नागपुर: जरीपटका इलाके में 102 बोरी संदिग्ध चावल जब्त किए जाने से हड़कंप मच गया है। साई मंदिर के पास पुलिस ने एक मालवाहक वाहन को रोककर चावल की खेप पकड़ी। पुलिस को आशंका है कि यह चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के राशन अनाज से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की जांच के बाद ही होगी।
जानकारी के अनुसार, जरीपटका पुलिस ने मंगलवार को साई मंदिर के पास MH-49-B-4279 नंबर के मालवाहक वाहन को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 102 बोरी चावल लदा मिला।
पुलिस ने वाहन और चावल को जब्त कर थाने में रखा है। मामले की जानकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन को भी दी गई है। अब FDA की टीम चावल की गुणवत्ता, स्रोत, बिल और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी।
जांच का मुख्य बिंदु यह है कि बरामद चावल सामान्य व्यापारिक माल है या सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अनाज का हिस्सा है। यदि चावल राशन दुकानों के स्टॉक से जुड़ा पाया जाता है, तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि राशन दुकानों से अनाज खरीदकर उसे राइस मिलों तक पहुंचाया जाता है और प्रोसेसिंग के बाद खुले बाजार में बेचने की आशंका रहती है। हालांकि, इन दावों की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह भी चर्चा सामने आई है कि जब्त चावल की खेप पांचपावली के जैन नामक व्यापारी से जुड़ी हो सकती है। पुलिस और संबंधित विभाग इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, FDA की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल 102 बोरी चावल और मालवाहक वाहन पुलिस के कब्जे में हैं। अब FDA की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि बरामद चावल सामान्य व्यापारिक माल है या पीडीएस अनाज के कथित दुरुपयोग से जुड़ा मामला।




