Published On : Sat, Mar 11th, 2017

यह मनपा है या मयकदा !


नागपुर:
आज स्थायी समिति अध्यक्ष के पद ग्रहण समारोह में उपस्थित होने के लिए आये एक कार्यकर्ता ने नागपुर टुडे को दिखाया कि मनपा मुख्यालय परिसर में साफ-सफाई और जनहित की बात करने वाली सरकार की असल में क्या हालात है और ढोल उसके विपरीत पीटी जा रही है। मनपा मुख्यालय परिसर में ठेकेदारों को आवंटित कक्ष के बाजू में खाली शराब की २ दर्जन से अधिक छोटी-बड़ी बोतलें कचरे के ढेर में पड़ी दिखायी दीं, तय है मनपा परिसर में ही उनका इस्तेमाल हुआ होगा और फेंका गया होगा।

चर्चित कहावत है कि खेलने वालों से ज्यादा बाहर बैठे खेल देख रहे दर्शकों को समझता है। इसी कहावत को अमलीजामा पहनाने में मनपा कोई कसर नहीं छोड़ रही है। एकतरफ मनपा प्रशासन स्वच्छ-सुन्दर शहर बनाने का ढोल पीटने में कोई कसर नहीं छोड़ रही तो दूसरी और मनपा मुख्यालय की हालात काफी दयनीय है।

Advertisement

मनपा मुख्यालय में शाम ढलते ही वर्षों से रोजाना मयखाना बनने लगता है। ठेकेदार कक्ष के बाजू पड़ी दर्जनों शराब की बोतलें इसका साक्षात उदहारण है। इसके साथ ही प्लास्टिक के खाली ग्लास, पानी-सोडा की खाली बोतलें भी पड़ी दिखी। साथ में विभिन्न प्रकार की नमकीनों के खाली पैकेट भी कचरे की शान बढ़ा रहे हैं।

Advertisement


अब सवाल यह है कि इसके सेवनकर्ता कौन है प्रशासन के अधिकारी या कर्मी या फिर और कोई ? लेकिन यह कड़वा सत्य है कि हर शाम अंधेरे होते ही यह परिसर में शराब पीने की शौक पूरा किया जाता है।

Advertisement

उल्लेखनीय यह है कि मनपा के मूल अधिकरियों सह कर्मियों को उक्त मामलात की बखूबी जानकारियां होने के बाद चुप्पी उनके अप्रत्यक्ष सहयोग की ग्वाही दे रहे है।


इनके अनुसार मनपा में कई सेवानिवृत फौजी अपने मासिक कोटे की शराब परिसर में अधिकारी-कर्मियों में बेचते है। यह बाजार भाव से सस्ती होने के कारण काफी धूम से बिकती है। तीज-त्यौहार पर इसी परिसर में रात के अँधेरे में जलसे होते दिख जायेंगे।


जानकारी देने वाले जागरूक नागरिक ने प्रशासन से मांग की है कि प्रशासन सिर्फ वाहवाही लूटने के बजाय जमीनी हक़ीक़त से रु-ब-रु हो.जब मनपा मुख्यालय की यह दशा है तो शहर की स्वच्छता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन से यह भी मांग की है कि मनपा प्रशासन मुख्यालय परिसर में रोजाना कामकाज का समय १० से ५ है, इसके बाद मनपा में ठिया लगाने वालों की जाँच हो और कुछ भी गैर जरुरी या अनुचित पाए जाने पर उचित कार्रवाई हो।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement