Published On : Thu, Dec 15th, 2022
By Nagpur Today Nagpur News

क्या गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड नागपुर में विवादित संपत्तियां बेच रही है?

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नागपुर: एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड राज्य की उपराजधानी में विवादित संपत्तियों को बेच रही है। इस मुद्दे पर एड नितिन बरगत और एड अनिरुद्ध देव ने विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला है।

गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड बेसा क्षेत्र में एक और लक्जरी टाउनशिप बना रही है। हालांकि एडवोकेट बरगत और एडवोकेट देव ने आरोप लगाया है कि गोदरेज रियल एस्टेट कंपनी उनके मुवक्किल की जमीन का एक हिस्सा अपना बताकर उसे बेचने में जुट गई है। गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड के खिलाफ इस बारे में अदालत में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

हमारे मुवक्किल अब्दुल वहाब के बेटे अब्दुल बशीर और 10 अन्य लोगों ने गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड के खिलाफ सर्वे संख्या 19/1 पीएच नंबर 38 के संबंध में विशेष दीवानी मुकदमा नंबर 1347/2022 दायर किया है, जो गांव घोगली, बेसा में स्थित कुल 23.74 हेक्टर (यानी 58.66 एकड़) जमीन के स्वामित्व से जुड़ी है। यह परिसर तहसील नागपुर ग्रामीण के अंतर्गत आता है, अधिवक्ताओं ने कहा।

उक्त संपत्ति में हमारे मुवक्किलों का हिस्सा है। उन्होंने संपत्ति में अपने हिस्से के संबंध में गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड के स्वामित्व के दावे को चुनौती दी है और विभाजन और अलग कब्जे की समस्या से राहत दिलाने का दावा किया है। मेरे मुवक्किलों ने 27 अप्रैल 2022 के हस्तांतरण विलेख को चुनौती दी है, जिसके आधार पर गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने संपत्ति पर स्वामित्व का दावा किया है। यह पूरी तरह अवैध और गैरकानूनी है, पीड़ितों ने कहा।

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मुकदमे में हमारे मुवक्किलों ने गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा के अनुदान के लिए एक आवेदन भी दायर किया है, जो इसे तीसरे पक्ष के अधिकार या हित को अलग करने या स्थानांतरित करने या संबंधित स्थान पर कुछ बनाने से आरोपी पक्ष को रोकता है और आगे के निर्णय तक उक्त संपत्ति में कोई भी निर्माण कार्य या स्वामित्व के दृष्टिकोण से कोई भी परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। मुकदमे के निस्तारण तक आरोपी पक्ष की ओर से उपरोक्त बताए गए संभावित कदमों में से कोई भी कदम नहीं उठाया जा सकता।

इसी तरह हमारे मुवक्किलों ने नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण एनएमआरडीए, जिलाधिकारी, जिला भू-अभिलेख अधीक्षक, तहसील निरीक्षक, भू-अभिलेख विभाग नागपुर ग्रामीण के अधिकारियों के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा के आदेश की मांग की है। इसके तहत उन्हें विवाद के अंतिम निस्तारण तक संबंधित स्थान पर नाप-तौल का काम करने, जमीन के सीमांकन का काम करने, उक्त संंपत्ति के संबंध में गैर कृषि निर्धारण का आदेश जारी करने तथा उक्त संपत्ति के संबंध में स्वीकृति ले-आउट प्लान जारी करने से बाधित किया जाता है।

इस विषय के बारे में यह उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर 2022 को मामले की सुनवाई के बाद माननीय 13 वें संयुक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन नागपुर की फाइल को यह सूट आवंटित किया गया, अदालत ने गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड और अन्य प्रतिवादियों को सूट में समन जारी किया है और एक नोटिस भी जारी किया है। इसके तहत कारण बताना आवश्यक है कि आवेदकों के पक्ष में अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश क्यों नहीं दिया जाना चाहिए। उक्त नोटिस को 21 दिसंबर 2022 को कारण समेत वापस करना होगा।

इसलिए बड़े पैमाने पर जनता को चेतावनी दी जाती है कि गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड के साथ उक्त संपत्ति के संबंध में कोई भी लेनदेन न करें। संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम 1882 की धारा 52 के अनुसार ऐसा कोई भी लेन-देन अवैध माना जाएगा। किस तरह का लेन-देन यदि हो तो उसके तहत लिया गया कोई भी निर्णय हमारे ग्राहकों के लिए बाध्यकारी नहीं होगा, दोनों अधिवक्ताओं ने शहरवासियों को सूचित करते हुए कहा।

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