Published On : Sat, Aug 6th, 2016

कानून से ऊपर दौड़ रहे पालकमंत्री

सरकारी जमीन को गैरकानूनी ढंग से खरीदना,बेचना फिर उस पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य करना

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नागपुर टुडे: पहले फर्जी प्रकल्पग्रस्त प्रमाणपत्र बनवाया फिर प्रकल्पग्रस्तों को आवंटित बिना बाजार मूल्य की आधी राशि भरे सरकारी जमीन खरीदी। अब खरीदी गई कुल जमीन के कुछ हिस्से की जमीन पर खड़ी की गई इमारत का नवीनीकरण (रेनोवेशन),इस जमीन के आजु-बाजु की सरकारी जमीन पर कब्ज़ा,ईमारत के सामने की जमीन पर बिना अनुमति के निर्माणकार्य और तो और खरीदी गई जमीन का कुछ हिस्सा कईयो को बिना सरकारी अनुमति के बेच दिए.यह कारनामा और किसी का नहीं बल्कि राज्य के पालकमंत्री बन्धुओं का है.क्या यह परिवार कानून से ऊपर का दर्जा रखता है,जो इतनी गैरकानूनी कृतो के बावजूद राज्य के ऊर्जावान मुख्यमंत्री उक्त ऊर्जा मंत्री को पदमुक्त कर जाँच करवाने जैसे मामले को नजरअंदाज कर रहे है.राज्य में पद का दुरुपयोग करने के क्रम में खडसे के लिए एक कानून और बावनकुले के लिए अलग कानून आम जनता की समझ से परे है.

प्राप्त जानकारी के हिसाब से राज्य के ऊर्जा मंत्री बावनकुले ने पहले खुद के नाम पर फर्जी प्रकल्पग्रस्त का प्रमाणपत्र बनवाया। इसके बाद स्थानीय रेवाराम रंगारी से जो जमीन ली वह प्रकल्पग्रस्त के तहत रंगारी को मिली थी,उसका प्लॉट क्रमांक 28A और यह जमीन लगभग ८००० वर्ग फुट की थी.इस जमीन की बावनकुले ने रजिस्ट्री नहीं करवाई थी.इस जमीन से सम्बंधित सभी कागजाते स्थानीय ग्राम पंचायत से गायब होने की जानकारी मिली है.फ़िलहाल यह प्लॉट क्रमांक की जमीन बावनकुले परिवार के नाम पर पंजीकृत है.

जब बावनकुले ने यह जमीन रेवाराम रंगारी से खरीदी थी,उसके बाद २००० फुट जमीन तागड़े,२००० फुट जमीन शरद जाधव और १५०० फुट जमीन बाबा बोलधने को गैर क़ानूनी रूप से बेचीं थी.शेष २५०० फुट जमीन सह पीछे के 27E ( सरकारी प्लाट) को कब्ज़ा कर कुल जमीन के आधे हिस्से में बावनकुले ने ईमारत खड़ी की थी.27E प्लाट बावनकुले ने अपने अहोदे का लाभ उठाते हुए बतौर प्रकल्पग्रस्त जमीन अपने नाम करवाई।

जब वर्ष २००८ में उक्त गैरकानूनी कारनामे की शिकायत हुई तो बावनकुले ने खुद के नाम पर १८० चौरस फुट मात्र १४०४ रूपए में अपने नाम करवाने संबधित सरकारी आर्डर सह कागजात पेश किये। जबकि मूलतः बावनकुले खसरा ग्राम कामठी रोड के है.तो फिर इन्हें सरकार ने कोराडी में प्रकल्पग्रस्त के तहत प्लॉट दिया जाना आश्चर्य की बात है.जबकि बावनकुले के ग्रैंड फादर प्रकल्पग्रस्त हुए थे,उनका घर प्रकल्प में गया था,उस एक घर के नौ-नौ हिस्से कर गैरकानूनी रूप से सरकारी लाभ उठाया गया.

कुछ वर्ष पूर्व बावनकुले बंधू ने प्रकल्पग्रस्त धोटे की ८००० फुट जमीन बिना सरकारी नियमों का पालन किये खरीदी। फ़िलहाल इस जमीन पर नया निर्माणकार्य,पीछे पुराने इमारत का नवीनीकरण का कार्य चल रहा है.इसके अलावा बावनकुले का जनसंपर्क कार्यालय का शेड भी अवैध है.इसी परिसर में जगदंबा कंस्ट्रक्शन व अन्य कॉमर्शियल व्यवहार वर्षो से जारी है.इन कॉमर्शियल एक्टिविटी के लिए घरेलु बिजली ग्राहक के तहत ये गए विद्युत कनेक्शन का इस्तेमाल किया जाना भी गैरकृत है.

उल्लेखनीय यह है कि २-४ जुर्म पर मकोका,मंत्री खडसे पर लगे संगीन आरोप पर मंत्री पद से मुक्त करना राज्य के मुख्यमंत्री के लिए काफी सहज रही होंगी लेकिन पुख्ता सबूत के बावजूद ऊर्जा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने में मुख्यमंत्री का ऊर्जा न दिखाना समझ से परे है,यह साफ़ हो चूका है कि राज्य में दो रंग का व्यवहार हो रहा है.

वैसे जानकारी मिली है कि ऊर्जामंत्री चालीसा सार्वजानिक होते ही ऊर्जामंत्री ने अपने पारिवारिक सदस्यों की जमकर क्लास ली,कहा मेरी मंत्री पद खाकर ही दम लेना।

 – राजीव रंजन कुशवाहा

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