Published On : Tue, Jan 27th, 2015

कोंढाली : जल संवर्धन के कार्य में अनियमितता नहीं चलेगी – वि. आशीष देशमुख


माहुरखोरा बांध की जांच की जाएंगी

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कोंढाली (नागपुर)।
काटोल तालुका के माहुरखोरा परिसर में निर्माण किए बंधारा की जांच इस क्षेत्र के विधायक आशीष देशमुख ने 24 जनवरी को सुबह दस बजे की. जलसंवर्धन के कार्य में अनियमितता जांच लिए गुणवत्ता और सतर्कता विभाग की ओर आदेश दिए.

काटोल तालुका के किसानों की खेती के लिए और ग्रामवासियों को पिने के पानी के लिए कुओं का स्तर बढे इसलिए पुर्व मंत्री अनिल देशमुख के कार्यकाल में 111 बांधो का निर्माण और सुधारने के आदेश दिए गए. इसमें 91 पुराने कोल्हापुरी बांधों की मरम्मत तथा 20 नए बांध के निर्माण के लिए मंजुरी दी गई. लेकिन यहां के कुछ बांधों के कार्य में अनियमितता होने की शिकायत मिली है. एक समाचार पत्र में इस शिकायत की खबर छपी थी. इस शिकायत को गंभीरता से लेकर विधायक डा. आशीष देशमुख ने 24 जनवरी सुबह 10 बजे दुर्गम क्षेत्र के माहुरखोरा के बांध की जांच करने के लिए स्वतः बांध पर गए. इस दौरान ग्रामवासियों ने उनका अभिनंदन किया. तथा कुछ शिकायतें भी की. इस दौरान गुणवत्ता और सतर्कता विभाग को जांच के आदेश दिए. इस अवसर पर लघु सिंचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गांव के सरपंच, उपसरपंच तथा ग्रामस्थ उपस्थित थे.

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कोंढाली के समीप मासोद ग्रामपंचायत के तालाब निर्माण की आकस्मिक जांच की गई. इस संदर्भ में ग्रामवासियों ने यहां के तालाब की मरम्मत की मांग की. किसानों के खेती के लिए जल सिंचाई कामों में कोई भी अनियमितता नहीं सहेगे. इस दौरान काटोल पंस के उपसभापति योगेश चाफले, पुर्व सभापति शेषराव चाफले, माहुरखोरा के सरपंच ज्ञानेश्वर रबड़े, ग्राम पं. सदस्य प्रकाश बारंगे, प्रमोद धारपुरे, एकनाथ पाटिल, उपविभागीय अभियंता भुत, कनिष्ठ अभियंता गवली, सहित सिंचन विभाग के अनेक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे.

उल्लेखनीय है कि माहुरखेड़ा में निर्माण हो रहे बांध के कामों में निकृष्ट दर्जे का सिमेंट, रेत, डस्ट का उपयोग किया गया. खुद यहां के सरपंच रामदास चव्हाण ने ठेकेदार को बताया. लेकिन ठेकेदार ने उनका कुछ नही सुना. इसके लिए अधिकारयों से बात की गई लेकिन उनपर ठेकेदार का आशीर्वाद होने से वे चुप्पी साधे हुए थे. ऐसा आरोप सरपंच ने किया है. ठेकेदार कोई नेता का रिश्तेदार होने से अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करते. गुणवत्ता और सतर्कता विभाग की ओर से जांच होने के बाद सच्चाई बाहर आएगी या नही? ऐसा प्रश्न निर्माण हो रहा है.