Published On : Thu, Apr 5th, 2018

‘आयपीएल’ : नेतृत्व गुणों का पाठ या चुनाव का छिपा अजेंडा ?

नागपुर: इंस्टिट्यूट ऑफ पॉलिटिकल लीडरशिप (आयपीएल) नाम की निजी संस्था मिशन 2020 अभियान के तहत युवाओं को राजनीति में शामिल करने के लिए उत्तम नेतृत्व व सामाजिक कार्यकर्ता तैयार करने के लिए संपूर्ण भारत में अपनी कार्यशाला आयोजित कर रही है. आगामी आम चुनावों को देखते हुए नागरिकों की जानकारी एकत्रित करने और उनसे संपर्क साधने की तैयारी के तहत कहीं छिपे हुए चुनावी एजेंडे तो तैयार नहीं किए जा रहे हैं? इसकी जांच इस संस्था के उद्देश्य और कार्यशैली को जानने के लिए नागपुर टुडे की ओर से ‘आयपीएल’ के साथ संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन पहले दो मोबाइल नंबर पर संपर्क साधने पर प्रतिसाद कोई नहीं मिला.

इसके बाद तीसरे मोबाइल नंबर पर संपर्क साधा गया तो आयपीएल के प्रतिनिधि ने बताया कि यह संस्था निजी संस्था है और देश भर में अपने शिबिर आयोजित करती है. फिलहाल उनका शिविर गुजरात के अहमदाबाद में शुरू है. इस शिबिर में भाग लेने के लिए सबसे पहले आयपीएल की वेबसाइट पर पंजीयन कर अपना पूरा ब्योरा देना होता है. इसके बाद एक ऑनलाइन मानसोपचार जांच की जाती है. फिर इसके बाद शिबिर स्थल में प्रत्यक्ष मुलाकात कर प्रशिक्षण के लिए उम्मीदवार का चयन किया जाता है. यह ऑनलाइन पंजीयन नि:शुल्क होता है लेकिन प्रशिक्षण शुल्क प्रत्यक्ष तौर से शिविर स्थल पर उम्मीदवार को बताए जाने की जानकारी संस्था प्रतिनिधि ने दी.

जब संस्था की वेबसाइट को जब ध्यान से देखा जाता है तो पता चलता है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की फीस 2.50 लाख रुपए है. लेकिन उम्मीदवार की ओर से मात्र 21 हजार रुपए वसूले जाते हैं. उम्मीदवार को उनके लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के 1 हजार नागरिकों से संपर्क साधने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जिससे इसके बाद उम्मीदवार का बाकी का खर्च वह उठाएगा. इसी तरह संस्था की बेवसाइट पर यह भी उल्लेख मिलता है कि उम्मीदवार के प्रशिक्षण का खर्च उठानेवाले लोगों को भी इंस्टिट्युट ऑफ पॉलिटिकल लीडरशिप जीवन में बदलाव लानेवाला प्रशिक्षण मुहैय्या कराएगी.


—Swapnil Bhogekar