Published On : Wed, Mar 6th, 2019

शिवसेना को न्यौता और मान-सम्मान नहीं मिला तो कैसे चलेगी युति

नागपुर: जिला शिवसेना प्रमुख प्रकाश जाधव ने बीजेपी नेताओं से यह सवाल किया है कि बुधवार को महाराष्ट्र की उपराजधानी में होने वाले आधा दर्जन से ज्यादा कार्यक्रमों में शिवसेना को न्यौता तक देना क्यों जरूरी नहीं समझा गया.

महाराष्ट्र में शिवसेना की ताकत को कम आंकने की भूल बीजेपी एक बार फिर से कर रही है. केन्द्र और राज्य में बीजेपी के साथ शिवसेना सत्ता में बराबर की सहयोगी है. कुछ दिनों पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मातोश्री जाकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे से मिलकर एक बार फिर से महाराष्ट्र में गठबंधन करने का अनुरोध किया था. करोड़ो शिवसैनिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शिवसेना प्रमुख ने बीजेपी के साथ युति के लिए हां की थी. लेकिन नागपुर में बीजेपी के कुछ नेता लगातार शिवसेना और शिवसैनिकों की उपेक्षा कर रहे हैं. यदि गठबंधन चाहिए तो पूरे दिल से करना पड़ेगा. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और नितिन गड़करी के बुधवार को होने वाले कार्यक्रमों में निमंत्रित करने की औपचारिकता भी पूरा करने की जरूरत नहीं महसूस की गई. क्या नागपुर और विदर्भ में शिवसेना और लाखों शिवसैनिकों की शक्ति के बगैर अपना विजय अभियान आगे बढ़ा सकेगी. जहां शिवसैनिकों का मान-सम्मान नहीं होगा, वहां शिवसैनिक जाएगा नहीं. लेकिन इसका खामियाजा आने वाले चुनावों में भुगतना पड़े तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए.