Published On : Wed, Feb 13th, 2019

इनोवेटिव अवार्ड दिलवाने वाले जीपीएस घड़ी पर पालकमंत्री ने उठाया सवाल

नागपुर: तमाम शिकायतों के बाद मनपा कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए जीपीएस घड़ी देने का निर्णय लिया गया था. अब तक करीब 7500 ऐसी घड़ियां बांटी जा चुकी हैं, इसमें मनपा के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं. लेकिन पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की राय इस घड़ी को लेकर कुछ और है. प्रशासन को जवाब देते हुए पालकमंत्री ने कहा कि जीपीएस घड़ी सही नहीं हैं. वह मूर्ख बनाने का काम कर रही है. आप सोसायटी में एक रजिस्टर रखो और सफाई कर्मचारी की उस पर उपस्थित लगाओ, यह फार्मूला हम पहले भी ग्राम पंचायत में उपयोग कर चुके हैं.

दरअसल सफाई कर्मियों के लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायतें बढ़ते जा रही थीं. इस समस्या से निपटने के लिए कर्मचारियों को उपस्थिति के हिसाब से भुगतान की बात कही गई थी. बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया धंतोली जोन में शुरू है. शुरुआत में कर्मचारियों ने इसका जमकर विरोध किया, लेकिन बाद में चुप होते चले गए. विशेष बात यह है कि इसी घड़ी के कारण मनपा को इनोवेटिव अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. इस घड़ी में जीपीएस है और वह इंटरनेट से कनेक्टेड है. इसमें कैमरा लगा हुआ है. घड़ी पहनकर जहां भी कोई व्यक्ति जाएगा, वह उसको ट्रेस करती है. कर्मचारी की तय सीमा के बाहर निकलने पर घड़ी बताती है कि वह कितने समय अपने ड्यूटी एरिया से बाहर रहा. शुरुआत में 10 कर्मचारियों पर हुए ट्रायल में सामने आया कि कर्मचारी सिर्फ 45 फीसदी ही अपने ड्यूटी एरिया में रहे.

आवारा श्वानों और सुअरों के ‘आतंक’ की चर्चा
लक्ष्मीनगर जोन में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का जनता दरबार सोमवार को लगा, तमाम समस्याओं के बीच ‘श्वान और सुअर के आतंक’ को प्रमुखता से रखते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि घर के सामने ही जानवरों के क्षत-विक्षत अंगों की छीना-झपटी आवारा श्वान करते रहते हैं. बच्चों और बुजुर्गों का अकेला बाहर निकला मुश्किल है. पालकमंत्री ने बताया कि सुअर पकड़ने का टेंडर हो चुका है. प्रति सुअर 450 रुपए देना तय किया गया है. श्वानों की नसबंदी 2 दिन में आरंभ हो जाएगी. नागरिकों ने कहा कि आवारा श्वानों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहतीं हैं. पिछले 1500 दिनों में सिर्फ 100 दिन मुश्किल से रात में सो पाए हैं. सफाई भी नहीं होती है. पहले कहा कि सफाई कर्मचारी नियमित आएगा, फिर कहा-सप्ताह में एक बार जरूर आएगा और अब बोलते हैं कि दो सप्ताह में ही आएगा सफाई कर्मचारी. दूसरी तरफ, प्रशासन का कहना है कि सफाई कर्मचारी नियमित काम कर रहा है और जीपीएस घड़ी के माध्यम से देखा जा रहा है.