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    Published On : Tue, Apr 20th, 2021

    जांच रिपोर्ट दबाकर BACK DATE में भुगतान की फाइल बढ़ाई जा रही

    – मामला सीमेंट सड़क फेज-2 के टेंडर सह भुगतान घोटाले का


    नागपुर – 6 माह पूर्व NAGPUR TODAY ने मनपा प्रशासन के नेतृत्व में डामर सड़क उखाड़ा कर सीमेंट सड़क(फेज -2) निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया था,जिसकी जांच रिपोर्ट लीपापोती कर पूरी कर मनपा आयुक्त को सौंप दी गई,जहां लगभग माह भर से धूल खा रही तो दूसरी ओर दोषी संबंधित ठेकेदार ( M/S ASHWINI INFRA & M/S DC GURBKSHANI ) का फाइनल सह अन्य बकाया भुगतान निकलवाने के लिए पूर्व सह वर्तमान जिम्मेदार अधिकारी वर्ग सक्रिय बतलाए जा रहे,विभाग के कुछ पूर्व अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर दिया हैं, जल्द ही मनपा वित्त विभाग के सीमेंट सड़क से संबंधित ऑडिटर के पास प्रस्तुत किया जाने वाला हैं।अब देखना यह हैं कि वित्त विभाग प्रमुख कोल्हे का इस संबंध में क्या भूमिका निभाते हैं।मामला PMO और CMO तक पहुँचने और ENQUIRY ऑफिसर नियुक्त होने के बाद भी नागपुर मनपायुक्त राधाकृष्णन बी,CE लेना उपाध्ये और CAFO कोल्हे की गंभीरता संदिग्ध बतलाई जा रही,अर्थात प्रथम दृश्या सम्पूर्ण दाल ही काली नज़र आ रही.

    नागपुर टुडे ने सीमेंट सड़क फेज -2 में हुए टेंडर सह भुगतान घोटाला को अंजाम देने के लिए लकडगंज जोन के तत्कालीन JE, DEPUTY, EE, SE, CE, सीमेंट सड़क के लिए तैनात विशेष ऑडिटर,CAFO की अहम भूमिका तो थी,साथ ही जब मामला सार्वजनिक हुआ तो सबूत सह निवेदन देने के बाद विगत SE मनोज तालेवार, CE लीना उपाध्ये ने मामला दबाने के लिए पिछले 6 माह से प्रयासरत हैं, इसके साथ ही दोषी सह अपने करीबी ठेकेदार कंपनी M/S ASHWINI INFRA & M/S DC GURBKSHANI का FINAL PAYMENT करवाने के लिए सभी संबंधित सक्रिय हैं।

    उल्लेखनीय यह हैं कि काफी दबाव में मनापायुक्त राधकृष्णन बी ने उक्त मामले पर जांच समिति गठित की थी,वह भी दोषी ठेकेदार कंपनी M/S ASHWINI INFRA & M/S DC GURBKSHANI के करीबी अधिकारी मनपा की प्रभारी CE लीना उपाध्ये के नेतृत्व में। उपाध्ये ने दूसरे या तीसरे ही जांच समिति बैठक में M/S ASHWINI INFRA & M/S DC GURBKSHANI हित में एक रिपोर्ट तैयार कर समिति के सभी सदस्यों से जबरन हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की लेकिन पूर्णतः असफल रही।
    उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पूर्व महापौर संदीप जोशी ने एक नहीं बल्कि 2-2 पत्र आयुक्त/CE को भेज जांच समिति पर उंगलियां उठाई तो आनन -फानन में ( CE के कथन अनुसार) रिपोर्ट तैयार कर कुछ सप्ताह पहले आयुक्त को सौंप दी गई। तब से आयुक्त कार्यालय में उक्त जांच समिति की रिपोर्ट धूल खा रही या फिर मामला दबाने की कोशिश की जा रही।

    दूसरी ओर आयुक्त की देरी की आड़ में CE के नेतृत्व में M/S ASHWINI INFRA & M/S DC GURBKSHANI का FINAL BILL तैयार करवाकर जोन से मनपा मुख्यालय पहुंच चुका हैं। जल्द ही वित्त विभाग में सीमेंट सड़क के लिए तैनात ऑडिटर अशफाक के पास जाने वाला हैं, इन्हीं की गलतियों के कारण टेंडर की शर्तें पूरा न करने के बावजूद उक्त ठेकेदार कंपनी को करोड़ों का भुगतान किया जा चुका हैं और फाइनल बिल पर इनका BACK DATE में हस्ताक्षर लेकर CAFO कोल्हे के पास भेजा जाएगा।

    जहां तक CAFO कोल्हे की भूमिका का सवाल हैं, वे दूसरी दफे मनपा में आए, तब से वे विवादों में हैं।इस मामले में वे शुरू से ही दोषी ठेकेदार M/S ASHWINI INFRA & M/S DC GURBKSHANI के पक्ष में वक्तव्य देते रहे,जबकि आयुक्त ने उन्हें जांच समिति का सदस्य बनाया हैं।

    आम धारणा यह हैं कि जब तक किसी भी ठेकेदार पर लगे आरोप की जांच पूरी नहीं हो जाती तबतक उसका कोई भी भुगतान नहीं होना चाहिए।लेकिन इस मामले में CAFO की सोच CE और ठेकेदार कंपनी की सोच में काफी समानता हैं। अब देखना यह हैं कि उक्त मामले पर आयुक्त क्या रुख अख्तियार करते हैं।

    E-GOVERNENCE का हो रहा दुरुपयोग
    लकडगंज के EE BISEN दिसंबर20/JANUARY21 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनकी जगह पर किसी अन्य को उनका चार्ज दिया गया। इस हिसाब से EE BISEN का E-GOVERNENCE का KEY खत्म कर या फिर जिन्हें जिम्मेदारी दी गई,उन्हें दी जानी चाहिए थी लेकिन BISEN के नाम पर आज भी व्यवहार हो रहा,अर्थात BISEN सेवानिवृत्त के बावजूद आज भी लकडगंज जोन संबंधित फाइलों पर BACK DATE या फिर CURRENT DATE में हस्ताक्षर मार रहा।इस ग़ैरकृत में वर्तमान CE का बड़ा रोल हैं।क्योंकि नया EE उक्त धांधली में अपना हाथ नहीं फंसाएगा,ऐसे में सेवानिवृत्त EE BISEN को कायम रख करीबी ठेकेदार का अंतिम भुगतान निकलवाने का पुरजोर प्रयास किया जा रहा। इस मामले में मुख्यालय के EE की चुप्पी समझ से परे हैं।


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