Published On : Sat, Sep 14th, 2019

मुकेश अंबानी की पत्नी और बच्चों को इनकम टैक्स का नोटिस

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की मुंबई ईकाई ने कारोबारी मुकेश अंबानी के परिवार के सदस्यों को 2015 ब्लैक मनी एक्ट के प्रावधानों के तहत नोटिस भेजा है। विभाग ने यह कार्रवाई विभिन्न देशों की एजेंसियों से मिली सूचनाओं के आधार पर हुई जांच के बाद की है। आईटी विभाग की तरफ से ये नोटिस बेहद गुपचुप तरीके से 28 मार्च 2019 को भेजे गए। मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी और उनके तीन बच्चों को ये नोटिस भेजे गए हैं।

आईटी विभाग के नोटिस के मुताबिक, मुकेश अंबानी के परिवार पर कथित तौर पर ‘विदेश में अघोषित विदेशी आय और संपत्ति रखने’ का आरोप है। बता दें कि आईटी विभाग की जांच उस वक्त शुरू हुई, जब सरकार को 2011 में जिनेवा के एचएसबीसी बैंक में खाता रखने वाले करीब 700 भारतीय नागरिकों और कंपनियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद, द इंडियन एक्सप्रेस और द इंटरनैशनल कन्सोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स ने मिलकर फरवरी 2015 में एक बड़ी जांच को अंजाम दिया था।

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इस जांच को ‘स्विस लीक्स’ नाम दिया गया था। जांच में एचएसबीसी बैंक में खाताधारकों की संख्या बढ़कर 1195 होने की बात सामने आई थी। इंडियन एक्सप्रेस की जांच में ही पहली बार यह खुलासा हुआ था कि कैसे ‘टैक्स हेवन’ समझे जाने वाले देशों में खुली ऑफशोर कंपनियों का HSBC जिनेवा बैंक के 14 खातों से संबंध था। वहीं, इन सभी कंपनियों के एक बेहद जटिल व्यवस्था के जरिए रिलायंस ग्रुप से संबंध होने की भी बात सामने आई थी। इन 14 खातों में 601 मिलियन डॉलर की रकम जमा थी।

4 फरवरी 2019 की इनकम टैक्स विभाग की जांच रिपोर्ट और 28 मार्च 2019 को भेजे गए नोटिस की डिटेल्स से इस बात का खुलासा हुआ है कि इन 14 कंपनियों में से एक कैपिटल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के लाभांवितों के तौर पर अंबानी परिवार के सदस्यों का नाम सामने आया। इनकम टैक्स विभाग की तरफ से भेजे गए नोटिस और आरोपों पर द इंडियन एक्सप्रेस ने कुछ सवाल पूछे थे, जिनके जवाब में रिलायंस प्रवक्ता ने कहा, ‘हम आपके ईमेल में लिखी हर बात को खारिज करते हैं।

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हमें ऐसा कोई नोटिस भी नहीं मिला है।’ हालांकि, द इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के आला अधिकारियों और मुंबई यूनिट के अफसरों के बीच लंबे विचार मंथन के बाद नोटिस भेजे गए। नोटिस भेजे जाने के कुछ दिन पहले ही इसके लिए फाइनल क्लियरेंस दिया गया। जानकारी के मुताबिक, ये नोटिस मुंबई के अडिशनल कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स 3(3) के दफ्तर की ओर से भेजे गए।

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