Published On : Mon, Aug 10th, 2020

जंगली सब्जियों को अपनें आहार मे शामिल करें – सभापती

– जंगली सब्जियों में प्रतिरोधक क्षमता होती है.

काटोल: 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर, काटोल पंचायत समीती के स्वर्गीय विश्वनाथ पुरी सभा गृह में 09अगस्त को सुबह 11-00बजे राज्य के कृषी मंत्री दादाजी भूसे तथा नागपुर के कृषी आयुक्त के आदेश पर काटोल तहसील कृषी अधिकारी के माध्यम से राशन भाजी (जंगली सब्जी) कृषि मेले का आयोजन किया गया था।

काटोल पंचायत समीती के सभापति धम्मपाल खोब्रागडे के प्रमुख उप स्थिती में उपसभापति अनुराधाताई खराडे द्वारा इस जंगली सब्जियों के महोत्सव का उद्घाटन किया।

इस आयोजन में काटोल तहसील के ग्रामीण आदिवासी बाहूल क्षेत्रों के किसानों नें आपने अपने क्षेत्र के जंगली सब्जियों के स्टाल लगाये थे। जिसमें -अंबाडी, सुरन, काटवल, गावरानी कद्दू, शिवा, केना,कुंजीर,करड कोसला, पिंपलपान, धूनधूना,बरसी पाल,पादरी, पांनओवा, कढिपत्ता, पुदीना, लालचवलाई, सुई निंबू, महूआ फूल, धोपा, काटेमाठ, आदी कुल 38प्रकार की जंगली सब्जियों को स्टाल में रखा गया था।

इस जंगली सब्जियों के महोत्सव के अवसर पर सभापती धम्मपाल खोब्रागडे ने बताया की शारिरीक प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए जंगली सब्जियों का अपने प्रतिदिन के भोजन (आहार)में उपयोग में लायें।आज के कोरोना संक्रमण को टालने के लिये शारिरीक प्रतिरोधक क्षमता बढाने में जंगली सब्जियों का बहुत बहुत महत्व है। साथही किसानों को इस का आर्थिक लाभ ही होगा।

जंगली सब्जियों के बारें में काटोल तहसील कृषी अधिकारी सुरेश कन्नाके द्वारा सभी जानकारी दी गयी।

इस जंगली सब्जियों के महोत्सव के उद्घाटन समारोह में काटोल पंचायत समीती के पं स सदस्य संजय डांगोरे, अरूण ऊईके, निशीकांत नागमोते,चंदाताई देव्हारे, तथा आदिवासी बाहूल क्षेत्रों के सरपंच चंद्रशेखर ढोरे, शिवाजी देव्हारे, के साथ साथ कृषी विभाग के मंडल अधिकारी गजाजन वाघमारे, सुधाक लोखंडे, जनार्दन भीसे,सागरअहीरे, नरेंद्र बांबल, जगन्नाथ जायभाये, कुंभरे, पंकज इंगोले, निलेश बोंद्रे, विक्रम आवारी,अंबादास बागडे, अशोक मानकर के साथ साथ काटोल तहसील के सभी कृषी पर्यवेक्षक तथा कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे ।