Published On : Sat, Oct 14th, 2017

खाद्य तेल उत्पादक में मिलावट करनेवालों पर रु. 1 लाख का जुर्माना

Cooking Oil

Representational Pic

नागपुर: न्यायलयीन मामले में सोयाबीन तेल में मिलावट करने के मामले में न्यायलय ने मिलावट करनेवालों पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. नागपुर के न्यायलय में अन्न व औषधि प्रशासन विभाग की ओर से वर्धा के अन्न सुरक्षा अधिकारी ल.प्र.सोयाम ने मार्च में वर्धा के के. जी.एन ट्रेडर्स से रिफाइंड सोयाबीन ऑइल का नमूना पूना की लैब में भेजा था.

इसमें मिलावट के शक के आधार पर 1363. 4 किलो यानी करीब एक लाख 24 हजार रुपए कीमत का तेल जब्त किया गया था. नमूनो के आधार पर लोक विश्लेषण पुणे ने तेल में मिलावट होने की पॉजिटिव रिपोर्ट दी. जिसके बाद सुरक्षा अधिकारी सोयाम ने उत्पादन करने वाले उत्पादक कोष के नॉमिनी विनोद पारधी और बडनेरा के मे.के.एम रिफायनरी इन्फ्रास्पेस के विरोध में न्यायलय में केस दाखिल किया था.

न्यायलय में सुनवाई के दौरान कम दर्जे और मिलावट करने की बात सोयाबीन तेल के उत्पादक ने मान्य की. जिसके बाद बडनेरा के.एम रिफायनरी इन्फ्रास्पेस और उत्पादक पेटी के नॉमिनी विनोद धनबाजी पारधी दोनों पर 50-50 हजार रुपए कुल मिलाकर दोनों पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया. त्योहारों के दिनों में बड़ी तादाद में खाद्य तेल, रवा, मैदा, वनस्पति और बेसन में मिलावट की जाती है. साथ ही इसके नमकीन बनाने में भी खाद्य तेल का उपयोग किया जाता है. जिससे लोगों के स्वास्थ को नुकसान पहुंचता है. ऐसे में अन्न विभाग हमेशा कार्यशील रहने की जानकारी अन्न विभाग के सहायक आयुक्त मिलिंद देशपांडे ने दी.