Published On : Tue, Jul 4th, 2017

सम्पूर्ण विकास के नाम पर सत्ताधारी सिर्फ लूट रहें हैं वाहवाही – पेठे

राजू नागुलवार व दुनेश्वर पेठे

नागपुर: एनसीपी नगरसेवक दुनेश्वर पेठे व पूर्व नगरसेवक राजू नागुलवार ने कहा कि बरसात का मौसम शुर हो चूका है। कुछ दिन पूर्व शहर में निर्मित सीमेंट सड़कें नागरिकों को तकलीफ दे रहीं है। सड़क निर्माण का आधा-अधूरा काम होने की वजह से नागरिकों के घरों में बरसात का पानी घुस रहा है। उक्त सभी सीमेंट सडकों के निर्माणों में कई कमियां हैं। इसलिए इसके निर्माताओं पर मनपा प्रशासन अति शीघ्र कानूनी कार्रवाई करें। क्योंकि कारवाई नहीं की गयी तो बरसात के पुरे शबाब पर आते ही नागरिकों की तकलीफे बढ़ जाएंगी। एनसीपी ने आरोप लगाया कि सीमेंट सड़क के निर्माण में आईआरसी के नियमों की अवहेलना की गई है। सीमेंट सड़क किनारे के वेस्ट वॉटर लाइन / ड्रेनेज लाइन को बाधित किया गया है, जिससे आसपास के परिसर दूषित/प्रदूषित हो गए है।

नाग नदी की जीर्ण दीवारों को सुधारें
नागपुर शहर के मध्य से नाग नदी गुजरती है। लगभग 20 वर्ष पूर्व नाग नदी की सुरक्षा दीवार का निर्माण हुआ था, जो अब काफी जीर्ण हो गया है। बरसात के दिनों में पानी के तेज बहाव से जीर्ण दीवारें धसने लगती है। जिसकी वजह से नदी किनारे रहने वाले हज़ारों लोगों की बस्तियों सह उनके घरों में पानी घुस जाता है, जो प्रत्येक वर्ष उनके निजी जीवन को तबाह करता रहा है। प्रत्येक वर्ष राज्य सरकार बाढ़ग्रस्तो को मदद के नाम पर करोड़ो रूपये बहाती है। वहीं मनपा प्रशासन दर वर्ष नाग नदी के साफसफाई पर लाखों की निधि स्वाहा करती है। ऐसे में एनसीपी ने राज्य सरकार व मनपा प्रशासन से मांग की है कि, सर्वप्रथम नाग नदी की सम्पूर्ण जीर्ण दीवारों को नए सिरे से सुधारे, इससे राज्य सरकार व मनपा का राजस्व नुकसान थमेगा।

भांडेवाड़ी में एनएचयूएम या आरसीएच केंद्र शुरू करें
एनसीपी के अनुसार प्रभाग 23 में आरसीएच सेंटर थे। राज्य सरकार के आदेशानुसार उक्त सेंटर को बंद कर दिया गया। प्रभाग 23 अंतर्गत कामगार वर्ग, स्लम में रहने वालों की संख्या बड़े पैमाने में है। इन्हीं बस्तियों के समीप भांडेवाड़ी जैसी प्रदूषित डंपिंग यार्ड है। इन गोर-गरीब नागरिको के स्वास्थ्य के हितार्थ शीघ्र मनपा प्रशासन एनएचयूएम का केंद्र शुरू करें।

मृत एवजदारो के परिजनों को जीवनयापन हेतु रोजगार दें
शहर को मनपा के स्वास्थ्य विभाग के मार्फत साफसफाई की जाती रही है। इसका जिम्मा स्थाई से अधिक ऐवजदारो ने बखूबी संभाले रखा है। इन ऐवजदारो ने 25 से 30 वर्ष सेवाएं दी हैं। लेकिन मनपा प्रशासन ने इन्हें स्थाई नही किया। इन्हें जरूरतानुसार रोजी या वेतन भी नही दिया जाता है। इन ऐवजदारो मे से लगभग 6 दर्जन की मृत्यु हो चुकी है। एनसीपी ने मांग की है कि, उक्त मृत ऐवजदारों द्वारा मनपा को दी गई सेवाएं ध्यान में रख कर उन मृत ऐवजदारों पर आश्रितों में से किसी एक को मनपा प्रशासन ऐवजदार कार्ड मुहैय्या करवाये।