Published On : Thu, Oct 16th, 2014

नागपुर टुडे एक्ज़िट पोल : जिले में आधी सीटें भाजपा को, कांग्रेस नंबर 2 पर, सेना-एनसीपी 1-1

ntमतदान की प्रक्रिया समाप्त होते ही अब सभी की निगाहें परिणामों पर टिकी हुई हैं। नागपुर जिले की सभी १२ विधानसभा सीटों के संभावित परिणामों को लेकर नागपुर टुडे टीम ने विभिन्न मतदान केन्द्रों पर पहुँचकर एक सर्वेक्षण किया, जिसमें मतदाताओं से बातचीत करके उनकी राय ली गयी। इस सर्वे के बाद जो स्थिति उभरकर सामने आई है उसमें नागपुर जिले में भाजपा के बढ़त बनाने के आसार हैं।

इस सर्वे के मुताबिक, भाजपा जिले की कुल विधान सभा सीटों में से आधी पर अपना कब्जा जमा सकती है। इस सर्वे के अनुसार भाजपा के खाते में 12 में से 6 या 7 सीटें आ सकती हैं वहीं कांग्रेस को 3 से 4 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। एनसीपी को 1-2 सीटों से अधिक मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं और शिव सेना को बमुश्किल एक सीट नसीब हो सकती है और एकाध सीट निर्दलियों के हिस्से में आ सकती है।

भाजपा को पूर्व नागपुर, दक्षिण नागपुर, दक्षिण-पश्चिम नागपुर, मध्य नागपुर एवं ग्रामीण से हिंगणा, उमरेड से जीत मिलने के पूरे आसार हैं और भाग्य ने साथ दिया तो पश्चिम नागपुर और कामठी विधान सभा सीटें भी भगवा पार्टी की झोली में आ सकती हैं।

कांग्रेस को पश्चिम नागपुर, उत्तर नागपुर, सावनेर से काफी उम्मीदें हैं और कामयाबी मिली तो मध्य नागपुर, दक्षिण नागपुर, कामठी भी हिस्से में आ सकती है।

एनसीपी के पक्ष में काटोल  तो पक्का है और हिंगणा पर भी जीत मेहरबान हो सकती है।

शिव सेना के हिस्से में एकमात्र रामटेक सीट है,किस्मत बुलंदियों पर रही तो दक्षिण नागपुर दूसरी विजय मिल सकती है।

निर्दलीय कोटे में दक्षिण नागपुर और उमरेड का नंबर आता है। इसमें दक्षिण नागपुर से निर्दलीय उम्मीदवार शेखर सावरबांधे और उमरेड से राजू पर्वे का पलड़ा भारी है। बहुत साफ है कि एक भी नहीं, या एक या फिर दोनों का राज योग रहा तो दोनों विस पहुँच सकते हैं। दोनों शिवसैनिक हैं, जीत के बाद जो सत्ता में रहेंगे उनके पक्ष में सशर्त चले जाएंगे।

कही-सुनी यह भी…

उत्तर नागपुर में मतदान के बाद यह वातावरण बन गया कि बसपा और भाजपा में से कोई एक जीतेगा। यह शब्द कोई एक पक्ष के नहीं बल्कि कांग्रेस  करीबी का भी यही पहाड़ा था,लेकिन बहुत ही लोगो को मालूम है कि कांग्रेस उम्मीदवार डॉ नितिन राउत बड़े सुलझे हुए रणनीतिकार हैं। यह तो वक़्त ही बताएगा कि कौन जीतेगा और सिकंदर कौन होगा।

– जीत का सबसे शानदार स्वाद चखने वाले सावनेर से कांग्रेस उम्मीदवार सुनील केदार को राज्य भर में सभी ने चुनाव पूर्व अनाधिकृत रूप से विजयी उम्मीदवार घोषित कर दिया था. कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी को भी नागपुर आगमन पर जिले के पूर्व पालकमंत्री डॉ नितिन राऊत से यह जानकारी मिली थी। दे दी थी। बावजूद इसके केदार ने दिन-रात खुद तो मेहनत की ही अपने सबसे करीबी साथी उत्तर भारत के दबंग नेता डॉ मुन्ना शुक्ला को भी सावनेर की गली-गली में चक्कर लगवाए। यानि केदार जीते तो मुन्ना शुक्ला की मेहनत को नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता है। वे उसी क्षेत्र व लोगो के मध्य गए जहाँ केदार असहज महसूस कर रहे थे।

पूर्व नागपुर का परिणाम जो भी हो वहां के प्रस्थापित भाजपा नेता कृष्णा खोपड़े को कांग्रेस उम्मीदवार वंजारी ने नाको चने चबाने को मजबूर कर दिया। यही हाल कामठी और दक्षिण-पश्चिम का रहा। उक्त तीनों विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवारों को हर जगह से पसीना बहाने को मजबूर होना पड़ा.

मतदान के दौरान नागपुर टुडे के 12 प्रतिनिधि सभी 12 विधानसभा चुनाव क्षेत्र में थे,सभी ने विभिन्न मतदान केन्द्रो पर पूरा समय बिताते हुए मतदाताओ से चर्चा कर उक्त समीक्षा पेश की है।

–    नागपुर टुडे टीम