Published On : Fri, Sep 16th, 2016

भगवा की आड़ में प्रशासन को जेब में रखा २४ घंटे जारी है रेती उत्खनन

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पर्यावरण नियमों को ताक पर रख “बिना” रेती घाट से २४ घंटे अवैध रूप से रेती का उत्खनन जारी है. क्योंकि घाट का ठेकेदार मंत्री के भाई का साझेदार है इसलिए जिलाधिकारी सह जिला खनन अधिकारी को सूचना रहने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही. जिले रेती घाटों से अवैध रेती उत्खनन पर शीघ्र अंकुश नहीं लगाया गया तो शिवसेना के उपप्रमुख वर्द्धराज पिल्ले जल्द ही न्यायलय में गुहार लगाएंगे. समाचार लिखे जाने तक कल गुरुवार १५ सितंबर २०१६ की शाम सूरज ढलने के बाद से समाचार लिखे जाने तक ३०० ट्रक रेती निकल परिवहन की जा चुकी है.

पिल्ले ने जानकारी दी कि “बिना” रेती घाट पर अवैध रेती उत्खनन और पर्यावरण विभाग के नियमों का उल्लंघन कर रेती उत्खनन करने पर पिछले १५ दिनों में दो बार सम्बंधित प्रशासन द्वारा छापामार कार्रवाई की गई, लेकिन जिलाधिकारी ने घाट पर उत्खनन हेतु पाबंदी नहीं लगाई. इस घाट का ठेकेदार कागजों पर अब्दुल-विक्की है लेकिन अघोषित पार्टनर महानिर्मिति कर्मी नारायणराव बावनकुले है,नारायणराव बावनकुले का साझेदारी में ८०% का शेयर है.इस नारायणराव के चक्कर में एक पर मकोका के तहत कार्रवाई भी हुई है. यह राज्य के एक “दोहन”मंत्री का सगा भाई है.

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पिल्ले ने ताजा जानकारी देते हुए बताया कि कल गुरुवार १५ सितंबर २०१६ की शाम सूरज ढलने के बाद से समाचार लिखे जाने तक रेती उत्खनन के उपयोगार्थ दो मशीनों के सहयोग से ३०० ट्रक रेती निकल परिवहन की जा चुकी है. इस घटनाक्रम की सूचना कल शाम से आज सुबह तक जिलाधिकारी कुर्वे और खनन अधिकारी कडू को देते-देते थक गए लेकिन उक्त दोनों अधिकारियों के कानों पर समाचार लिखे जाने तक जूं नहीं रेंगा.

इसके पूर्व कामठी की उपविभागीय अधिकारी कठारे ने खुद उक्त घाट पर छापामार कार्रवाई की थी.


वर्द्धराज पिल्ले ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि समय रहते रेत माफिया और माफिया हो संरक्षण देने वाले पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो अगले सप्ताह न्यायलय में उक्त अवैध कृत के खिलाफ गुहार लगाएंगे.

 

– राजीव रंजन कुशवाहा