Published On : Sat, Dec 29th, 2018

सरकार अगर चुंगी शुरू करेगी, तो हम तुरंत लागू करने के लिए तैयार : मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर

नागपुर: मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने वर्ष के अंत में पत्र परिषद लेकर जानकारी दी कि उनकी नियुक्ति के एक माह बाद उन्हें मनपा का संचालन चैलेंजिग लगा और उन्हें सीखने को बहुत कुछ मिल रहा है. सरकार ने चुंगी बंद किया,मनपा की वित्तीय स्थिति को सुधारने के दृष्टि से सरकार ने अगर चुंगी शुरू करने का निर्णय लिया तो मनपा प्रशासन पुनः चुंगी वसूली शुरू कर देगी.

पिछले दिनों महापौर ने वित्त आयोग के समक्ष चुंगी शुरू करने की गुहार लगाई थी. वे इस सवाल का उक्त जवाब दिए.

उनका कहन था कि शहर में चल रहे प्रकल्पों को समय पर पूरा किया गया तो शहरवासियों के लिए और शहर की सुंदरता के लिए अच्छा होगा. सरकारी प्रकल्पों के लिए समय पर तय निधि मिल रही है. शहर में समस्या भी बहुत है,जिनके निराकरण पर ध्यान केंद्रित है. वित्तीय अड़चनों से निपटने में सफलता मिली, अनुदान मिलने से बकाया भुगतान जारी है. यह मेरे लिए काफी अच्छी खबर है. स्पेशल अनुदान से बकाया चुकाने में सफलता मिली. ठेकेदारों की समस्या सुलझाने का क्रम जारी है.

मनपा में पहले कार्यप्रणाली में सुधार,फिर प्राथमिक के हिसाब से कार्य करने की पहल जारी है, ताकि कोई काम खासकर जनहित कार्य प्रभावित न हो. अगले 4-5 माह में मनपा का वित्तीय बकाया देने का मामला शून्य हो जाएगा. इसके लिए वित्तीय शिष्टाचार लाने का प्रयास किया जा रहा.

आय वृद्धि के लिए सम्पत्ति कर,बाज़ार,नगर रचना,होर्डिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया है। बिल्डिंग प्लान जल्द से जल्द मंजूर होने से मनपा की आय बढ़ेगी. नगर रचना विभाग में मंजूरी के लिए जमा प्रस्तावों कि अड़चनों को सुलझाकर जल्द निराकरण किया जाएगा. ऑनलाइन बिल्डिंग का नक्शा मंजूरी प्रथा को मजबूत किया जाएगा. पानी से जुड़ी समस्या को सुलझाने के लिए एन ई एस एल अंतिम निर्णय लेगी. जिसे मनपा पालन करेंगी. तालाबों को स्वच्छ रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगी.

कर्मियों के छठवें वेतमान का बकाया और सातवें वेतन आयोग के सिफारिश का रकम देने के लिए जल्द निर्णय लिया जाएगा. सातवां वेतन आयोग लागू करने से मनपा पर 120 करोड़ का भार पड़ेगा. रिक्त पदों पर भर्ती मामले में आयुक्त ने कहा कि जहां अति आवश्यक है,वह पद जरूर भरे जाएंगे. शेष विभागों में उपलब्ध कर्मियों को सक्षम बनाया जाएगा.

शहर बस सेवा को इलेक्ट्रिक बस में बदलना समय की मांग है, जिस पर प्रक्रिया जारी है. वेस्ट टू एनर्जी और बायो माइनिंग मामले में प्रगति माह भर बाद दिखेंगी. स्वच्छता सर्वेक्षण और नियमित साफ सफाई मामले में निरीक्षक और जनल अधिकारियों को दोषी ठहराया जाएगा, न कि कामगार और जमादार को।

आयुक्त ने अंत में कहा कि उनका विश्वास है कि जनप्रतिनिधि की आमसभा का निर्णय जनहित में होता है,उसकी जगह प्रशासन या किसी एक अधिकारी का निर्णय जन्हितार्थ नहीं होता.