Published On : Sat, Dec 22nd, 2018

राजनीति व सामाजिक कार्य में मुझे हैसियत से कहीं अधिक मिला : गडकरी

नागपुर: सपने देखना अपराध नहीं हैं. मैंने भी सपने देखें. फिलहाल जहां व जैसा हूं,संतुष्ट हूं. मुझे लगता है कि इच्छाशक्ति के बल पर ही आधी सफलताहासिल की जा सकती है. काम करने के लिए पैसों की कतई कमी नहीं है. हां काम करनेवालों की कमी अवश्य है. मैं बार बार कहता रहा हूं कि राजनीति व सामाजिक कार्य में मुझे हैसियत से कहीं अधिक मिला है. पत्रकार पूछते हैँ-व्यस्तता और राजनीतिक कार्यों के बाद भी सदैव प्रसन्न कैसे बने रहते हो, राज क्या है। मेरा मानना है कि संतुष्ट होना ही प्रसन्नता का राज है. राजनीति में अतृप्त आत्माओं की कमी नहीं है.

नगरसेवक विधायक बनना चाहता है, विधायक सांसद या मंत्री बनना चाहता है. मंत्री मुख्यमंत्री बनने की चाहरखता है. पद प्रतिष्ठा की चाह रखना गलत नहीं है. लेकिन यह भी सच है कि काम का कोई विकल्प नहीं हैं. पद तो आते जाते रहते हैँ. नागपुर केकस्तुरचंद पार्क मैदान पर बड़ी जनसभाएं होते रहती हैं.

यह वही मैदान है जहां भोलानाथ सहारे, प्रा.अनिल सोले, श्रीपाद रिसालदार जैसे कार्यकर्ताओं के साथ दो साइकिल पर सीढ़ी लगाकर हमने पोस्टर चिपकाने के काम किए. मैँ रात डेढ़ दो बजे तक दीवारों पर लिखने का काम करता था. मेरी हैंडराइटिंग अच्छी नहीं थी. इलेक्ट्रानिक पद्धति विकसित नहीं हुई थी. मैंदीवार पर चूना मारने का काम करता था. किशन प्रजापति लिखने का काम करता था. अटलबिहारी वाजपेयी की सभा होती थी तो रात के ढाई तीन बजेतक सभा स्थल को तैयार करते रहते थे. मध्यरात्रि में किसी चौराहे पर हाफ चाय पीकर सुस्ती दूर करते थे.

मैँने थर्ड क्लास की कुर्सी पर बैठकर कई फिल्में देखी हैं. नाटक देखने के लिए भी मित्रों के साथ विविध मशक्कत करते रहते थे. हाँ,मेरा आरंभ से ही स्वभाव थोड़ा अलग रहा है. मैंने किसी नेता का कटआऊट नहीं लगाया. विमानतल पर किसी के स्वागत के लिए नहीं गया. अटल जी, लता मंगेशकर जी के लिए स्वयं के खर्च से पुष्पमाला लेकर अवश्य पहुंचता था.

शरद पवार, यशवंतराव चव्हाण, सुशील कुमार शिंदे जैसे नेताओं का महाराष्ट्र को समृद्ध बनाने में बड़ा योगदान है. उनके कार्यों से प्रभावित होता रहा हूं. बचपन में वाम मुवमेंट के भी करीब रहा. एक बार तो इंटक का अध्यक्ष भी बन गया था. अच्छे अनुभव मेरे लिए प्रेरणा बनें. इच्छाशक्ति हर क्षेत्र में आवश्यक है. राजनीति सामाजिक सुधार काप्रभावी उपक्रम है. आदमी गुणों से बड़ा होता है.