Published On : Tue, May 18th, 2021

पंजीयन के बिना आर टि ई अनुदान कैसे दिया जा रहा है।

नागपूर– शालाएँ अनुदान न मिलने का दावा कर रही है लेकिन इसके विषय में मोहम्मद शाहिद शरीफ़ चेयरमैन आर टि ई एक्शन कमिटी ने इनके द्वारा जानकारी ली गई तो वहाँ हालात कुछ और ही थे ।

मुफ़्त शिक्षा के अधिकार अंतर्गत अधिनियम 2009 धारा १८ के तहत सभी शालाओं को तीन साल की अवधि के लिए पंजीयन शिक्षण अधिकारी कार्यालय द्वारा दिया जाता है लेकिन सर्वाधिक अनुदान पाने वाली स्कूलों ने अपना दोबारा पंजीयन नहीं करवाया है और स्कूलों की भी हालत उसी प्रकार है भारी संख्या में शिक्षण अधिकारी कार्यालय में त्रुटि की फाइलें पढ़ी हुई है

लेकिन उसके विरूद्ध अभी तक कोई कार्रवाई की नहीं गई और ऐसी हालत में शिक्षक संगठन सरकार के ख़ज़ाने से पैसे लूटने में लगे हुए हैं और यह सीधा मुफ़्त शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है जहाँ पंजीयन ही नहीं तो वहाँ अनुदान कैसे दिया जा रहा है जानकारी के अनुसार कई शालाओं में आर T ई के विद्यार्थी भी नहीं है और अनुदान उन्हें स्कूलों को भी दिया गया है

जब इसकी जानकारी शिक्षण विभाग से ही जाती है तो उनके पास इसका विवरण नहीं होता और अनुदान इस वर्ष के लिए दिया जा रहा है और तीन बच्चों के लिए स्कूल ने दावा किया ,इसी प्रकार मान्यता प्राध्यापक और सुपरवाइज़र की लेनी पड़ती है जिस पर अनुदान प्राप्त करने वाले के हस्ताक्षर होते हैं लेकिन अनेक शालाओं की फ़ाइल आज भी प्रबल लंबित है शिक्षा विभाग में मुफ़्त शिक्षा का अधिकार ये अनुदान का दुरुपयोग स्कूलों और शिक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है कई शालाओं द्वारा विद्यार्थियों से पैसे वसूले जा रहे हैं अतिरिक्त गतिविधियों के नाम से और शिक्षण विभाग राजनैतिक दबाव में कार्य कर रहा है इसलिए अभी तक शालाओं के विरुद्ध कोई कार्रवाई की नही गई ।

इस की उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए जिस से सरकार की राशि का दुरुपयोग होने से बचेगा।