Published On : Fri, Jul 13th, 2018

प्लास्टिक के बजाय पेपर स्ट्रा, ग्लास बॉटल यूज करने लगे होटल

नई दिल्ली : देश के कई राज्यों के प्लास्टिक पर बैन लगाने पर विचार करने से बड़ी होटल चेन सतर्क हो गई हैं और उन्होंने प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने के लिए उपाय शुरू कर दिए हैं। रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ने प्लास्टिक के विकल्पों को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। महाराष्ट्र के सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाने के बाद उत्तर प्रदेश ने प्लास्टिक कप, प्लास्टिक ग्लास और पॉलीथिन पर 15 जुलाई से रोक लगाने का आदेश दिया है।

ओडिशा ने 2 अक्टूबर से राज्य के कई हिस्सों में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान वैश्विक स्तर पर भी शुरू हो रहा है। स्टारबक्स और हयात जैसी चेन ने पर्यावरण के अनुकूल कदमों के तहत प्लास्टिक स्ट्रॉ का इस्तेमाल बंद करने की घोषणा की है।

होटल चेन हिल्टन ने कहा है कि वह भारत में अपने सभी होटलों में प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देगी। हिल्टन इंडिया के वाइस प्रेजिडेंट (ऑपरेशंस), जतिन खन्ना ने बताया, ‘हमने पहले ही भारत में अपने सभी होटल्स से प्लास्टिक स्ट्रॉ हटा दिए हैं। इसके साथ ही हम रूम, फूड एंड बेवरेज और अपने होटल्स में अन्य स्थानों पर किसी भी तरह के प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की योजना बना रहे हैं। 2020 तक होटलों में मीटिंग और इवेंट से प्लास्टिक की वॉटर बॉटल भी हटा दी जाएंगी।’

हयात के पुणे में हयात रिजेंसी और दिल्ली में अंदाज जैसे होटल्स में सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम्स का इस्तेमाल बंद करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इन होटल्स में कपड़े के लॉन्ड्री बैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुणे के होटल में 200 ml से कम की वॉटर बॉटल का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है और अंदाज दिल्ली में पेपर स्ट्रॉ और ग्लास की वॉटर बॉटल का इस्तेमाल शुरू हुआ है। हयात रिजेंसी मुंबई में रेस्टोरेंट्स में पेट बॉटल्स की जगह ग्लास बॉटल इस्तेमाल की जा रही हैं।

ITC होटल्स और वेलकम होटल्स के चीफ एग्जिक्यूटिव, दीपक हस्कर ने बताया कि उनके होटल्स में दो दशकों से पर्यावरण के अनुकूल कोशिशें की जा रही हैं। 2012 में कंपनी ने रेस्टोरेंट्स में कॉम्प्लिमेंटरी बॉटल्ड वॉटर को ग्लास बॉटल से बदल दिया था। ITC के सभी लग्जरी होटल्स में अक्टूबर तक प्लास्टिक स्ट्रॉ की जगह पेपर स्ट्रॉ का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।

लेकिन होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया के प्रेसिडेंट दीपक दातवानी का कहना है कि प्लास्टिक की जगह इस्तेमाल किए जाने वाले विकल्पों को लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया, ‘हम अपने सदस्यों के लिए इस महीने एक सेमिनार का आयोजन करेंगे और हम म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के अधिकारियों को भी इसमें बुलाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे वे हमारे सदस्यों यह जानकारी दे सकें कि किस चीज की अनुमति है और किसकी नहीं।’