Published On : Wed, Jul 13th, 2016

एमइआरसी की जनसुनवाई में हंगामा, बिजली की बढ़ी दर के फैसले को वापस लेने की उठी माँग

Vanamati
नागपुर:
बुधवार को नागपुर के वनामती में आयोजित महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस, प्रहार, विदर्भवादी विद्यार्थी संगठन के साथ अन्य संगठनो ने सुनवाई स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया। सुनवाई के दौरान हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त लगाया गया था। इसके बावजूद कांग्रेस के कार्यकर्ता बंदोबस्त में लगे पुलिसकर्मियों को धक्का देकर सभागृह में घुसने में कामियाब हो गए। इस दौरान संतप्त कार्यकर्ताओं ने सभागृह के बाहर कुर्सी फेंकी और बिजली वितरक कंपनी एसएनडीएल और ऊर्जा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आयोग की सुनवाई रद्द करने की मांग की। भारी हंगामे को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत दी जिसके बाद माहौल शांत हुआ।

इस आंदोलन में कांग्रेस शहराअध्यक्ष विकास ठाकरे, अभिजीत वंजारी के साथ कई नेता, कार्यकर्ताओ ने भाग लिया। सुनवाई शुरू होने के आधे घंटे के बाद ही कांग्रेस ने अचानक हंगामा शुरू कर सभागृह में घुसने का प्रयास किया, पर बाहर मौजूद पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस बात से प्रदर्शनकारी गुस्सागए उन्होंने जनता के लिए आयोजित जनसुनवाई में पुलिस बंदोबस्त लगाकर सरकार द्वारा जनता की आवाज दबाए जाने का आरोप लगाया। आयोग ने बिजली के दाम बढ़ा दिए है, और अंत में यही फैसला लागू किये जाने का आरोप ठाकरे ने लगाया।

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नागपुर में बिजली वितरक कंपनी एसएनडीएल द्वारा उपभोक्ताओं को लूटने का आरोप लगाते हुए कंपनी का करार रद्द करने की माँग भी ठाकरे ने की। भारी हंगामे को देखते हुए वनामती सभागृह के बाहर ताला लगा दिया गया। बाहर से बंद सभागृह में करीब एक घंटे तक कार्यवाही जारी रही। साथ ही बाहर प्रदर्शनकारियों का हंगामा भी बदस्तूर जारी रहा। हंगामे को देखते हुए प्रदर्शनकारियों के शिष्टमंडल को आयोग के सामने अपनी बात रखने का मौका दिया गया। जिसके बाद विकास ठाकरे ने अपना पक्ष रखते हुए बिजली दर की वृद्धि और एसएनडीएल से करार रद्द करने की मांग आयोग के समक्ष की। प्रहार से देवेन्द्र गोडबोरे ने अपना पक्ष रख।

हंगामे के बाद कांग्रेस के नेता-कार्यकर्त्ता अपना पक्ष आयोग के सामने रखकर चले गए। पर प्रहार से कार्यकर्त्ता लगातार वनामती के बाहर बैठकर नारेबाजी करते रहे। विदर्भवादी नेता अहमद कादर ने आयोग के सामने अपना पक्ष रखने से पहले सच बोलने की शपथ खाने की प्रक्रिया का विरोध किया। आयोग के अध्यक्ष अजीज खान से नागपुर की जनता को परेशान कर रही एसएनडीएल कंपनी के कर्मचारियों से सच कहने की शपथ लेने की माँग की और विरोधस्वरुप बैठक से उठकर बाहर चले गए।

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– राजीव रंजन कुशवाहा