Published On : Mon, Oct 16th, 2017

ग्रीन विजिल की अपील, मनाएं इको फ्रेंडली दिवाली

Advertisement


नागपुर: ग्रीन विजिल संस्था ने पर्यावरण को बचाने के लिए इको फ्रेंडली दिवाली मनाने का अभियान चलाया. इस अभियान के अंतर्गत वेरायटी चौक एवं शंकर नगर चौक पर संस्था की टीम की ओर से विभिन्न पोस्टर्स और प्लेकार्ड्स के जरिए लोगों से अत्याधिक तादाद में फटाके न जलाने का आवाहन किया गया. टीम के सदस्यों ने शहर के नागरिकों को पटाखों से होनेवाले ध्वनि एवं वायु प्रदूषण के बारे में भी चर्चा कर उन्हें उससे जुड़ी जानकारी दी. ग्रीन विजिल के संस्थापक कौस्तुभ चटर्जी ने बताया कि फटाखे फटने से बड़ी मात्रा में कैडमियम एवं लीड जैसे हैवी मेटल्स का उत्सर्जन होता है. इसी के साथ साथ कॉपर,जिंक, सोडियम, पोटेशियम जैसे धातुओं का भी उत्सर्जन होता है और वातावरण में सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर एवं धुएं की मात्रा बढ़ जाती है. जिससे दमा, सिरदर्द, रक्तचाप में बढ़ोत्तरी, स्किन एलर्जी, आखों में तकलीफ एवं श्वास से सम्बंधित समस्याएं काफी बढ़ जाती है. इसलिए पटाखों से परेहज करने की सलाह चटर्जी ने दी है.


इस दौरान टीम की सदस्य सुरभी जयस्वाल ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 125 डेसीबल से ज्यादा आवाज करनेवाले पटाखों पर सम्पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई है. जिसका योग्य तरीके से पालन होना चाहिए. सुरभी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के दौरान उनकी टीम को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिला. लोगों ने अपनी गाड़ियां रोककर इस विषय को लेकर जानकारी हासिल की.


इस अभियान को सफल बनाने में शक्ति रतन, विष्णुदेव यादव, मेहुल कोसुरकर, कल्याणी वैद्य, शीतल चौधरी, विकास यादव, दादाराव मोहोड़, लिपिशा काचोरे, सौरभ अम्बादे,दिगम्बर नागपुरे, प्रवीण सहारे, अमित पालिया, रानी यादव, निकिता मोहोड़, अभिषेक ठाकुर ने इसमें प्रमुखता से योगदान दिया.

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement