Published On : Sat, Oct 3rd, 2020

हाथरस: CM योगी आदित्यनाथ को चूड़ियां भेंट कब करेंगी? स्मृति पर सुरजेवाला का वार

हाथरस की घटना पर कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर जोरदार वार किया है. कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि हाथरस की घटना के बाद वे सीएम आदित्यनाथ को चूड़ियां भेंट करने कब जा रही हैं.

इससे पहले स्मृति ईरानी ने शनिवार को राहुल गांधी की प्रस्तावित हाथरस यात्रा पर टिप्पणी की थी. स्मृति ईरानी ने कहा था कि जनता ये समझती है कि राहुल गांधी कि हाथरस की तरफ कूच राजनीति के लिए है, इंसाफ के​ लिए नहीं. स्मृति ईरानी ने कहा कि जनता कांग्रेस के टैक्टिस को समझती है, इसलिए जनता ने 2019 में तय किया कि बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिले.

स्मृति ईरानी की इस प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर उनपर हमला किया. सुरजेवाला ने कहा, “श्रीमती स्मृति ईरानी जी, सिर्फ इतना बताइए!, आदित्यनाथ को चूड़ियां भेंट करने कब जाएंगी?”

पीड़ित परिवार का नार्को टेस्ट पागलपन
इससे पहले सुरजेवाला ने हाथरस के पीड़ित परिवार का नार्को टेस्ट कराने के यूपी सरकार के फैसले पर हमला किया था. सुरजेवाला ने ट्वीट किया, “हाथरस में पीड़ित दलित परिवार के नार्को टेस्ट की खबर आदित्यनाथ सरकार के पागलपन का जीता जागता सबूत है, पीड़ित बेटी का न इलाज हुआ, न न्याय मिला, रात को ढाई बजे पीड़ित बेटी का शव जलाया. पिता को धमकी दी गई. मोबाइल तक छीन लिया. गांव में मीडिया नहीं जा सकता. अधर्मी योगी इस्तीफा दो.”

सपा ने भी किया स्मृति ईरानी का विरोध
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का समाजवादी पार्टी ने भी विरोध किया है. स्मृति ईरानी शनिवार को किसान संवाद कार्यक्रम में शिरकत करने वाराणसी पहुंची थीं, यहां सर्किट हाउस पर समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ता धरने पर बैठ गईं. उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी को चूड़ियां देना चाहती हैं.

क्या बेटियों का दर्द अब नहीं सुनतीं स्मृति
समाजवादी पार्टी की नेता पूजा यादव ने कहा कि हम लोग आज यहां स्मृति ईरानी को चूड़ियां देने आए हैं ताकि वह यह चूड़ियां प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दें. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहले स्मृति ईरानी महिलाओं के लिए बहुत बोलती थीं, अब बेटियों का दर्द उन्हें सुनाई नहीं दे रहा है. हाथरस में पीड़ित परिवार के दर्द सुनकर वह चुप क्यों हैं या सत्ता में आने के बाद अब उन्हें महिलाओं का दर्द नजर नहीं आ रहा है.