Published On : Wed, Sep 15th, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

नई ई-काॅमर्स पाॅलिसी के विरोध में “हल्ला बोल” राष्ट्र व्यापी आंदोलन का आगाज़ एन.वी.सी.सी. से

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प्रमुख वैश्विक ई-कॉमर्स से संघर्ष करने के लिए कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के आव्हान पर विदर्भ के 13 लाख व्यापारियों की अग्रणी व शीर्ष संस्था नाग विदर्भ चेंबर प्रांगण में अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया के नेतृत्व में व्यापारियों ने दि. 15 सितंबर 2021 को राष्ट्रव्यापी आंदोलन अभियान को समर्थन देते हुये भारत में विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियों के द्वारा ई कामर्स व्यापार में चलाई जा रही कुप्रथाओं के विरोध में धरना प्रदर्शन किया।

अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया ने कहा कि यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी सारी स्थापित नीतियां, कानून और नियम और एक मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था होने के बावजूद,बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों जो अभी भी संबंधित नियमों और कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं उनके खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यह देखना सबसे आश्चर्यजनक है कि सर्वोच्च न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों ने कुछ वैश्विक कंपनियों के व्यापार मॉड्यूल पर कुछ मजबूत एवं तीखी टिप्पणियाँ किए हैं, फिर भी ई-कामर्स कंपनियों के खिलाफ अभी तक कोई ठोस करवाई नहीं की गई, जबकि यदि कोई सामान्य व्यापारी गलत पाया जाता है, तो प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में एक मिनट भी नहीं लगते है। ये कंपनियां खामियों को भली-भांति जानती हैं और कानून को चकमा देने में सक्षम हैं। सरकारी एजेंसियां तत्काल कदम क्यों नहीं उठा रही हैं। ये बड़ा प्रश्न है?

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चेंबर के उपाध्यक्ष श्री अर्जुनदास आहुजा ने कहा कि यह अब बहुत स्पष्ट है कि देश का व्यापारिक समुदाय अब और इंतजार नहीं कर सकता है और अब बहुत हो गया है। अब हमें और धोखा नहीं दिया जा सकता। देश के व्यापारी वैश्विक ई-कॉमर्स कंपनियों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हम केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा उपभोक्ता अधिनियम के तहत ई-कॉमर्स नियमों के मसौदे का खुले तौर पर समर्थन करते हैं और हल्ला बोल अभियान का समर्थन करेंगे। बिना अधिक समय बर्बाद किए इन नियमों को लागू करने के लिए देश भर में व्यापारी मजबूत और प्रभावी आवाज उठाएंगे।

चेंबर के पूर्व अध्यक्ष व कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी. भरतियाजी ने कहा कि देश के ई कॉमर्स व्यापार में जिस तरह से विदेशी कंपनियां ई कॉमर्स नियमों का खुला उल्लंघन कर रही हैं और कानूनों को तोड़ मरोड़कर भारत के ई कॉमर्स व्यापार पर कब्जा जमाने की एक सोची समझी साजिश के तहत काम कर रही हैं उसके खिलाफ देश भर में अपनी आवाज बुलंद करने तथा सरकार द्वारा उपभोक्ता कानून के अंतर्गत प्रस्तावित नियमों को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर आज, 15 सितम्बर 2021 से देश भर में एक महीने तक ई कॉमर्स पर हल्ला बोल का एक राष्ट्रीय अभियान की शुरूआत की जा रही है।

इस अभियान के अंतर्गत देश के सभी राजनैतिक दलों को चेंबर द्वारा पत्र भेजकर यह स्पष्ट करने को कहा जाएगा की ई कॉमर्स को लेकर उनकी पार्टी का क्या नजरिया है ! सभी दलों के जवाब का देश के व्यापारी इंतजार करेंगे और इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों तथा आगामी लोकसभा चुनावों में व्यापारियों की क्या भूमिका होगी, इस पर समय पर निर्णय लिया जाएगा! उन्होंने कहा की जब सब कुछ वोट बैंक पर ही केंद्रित हो गया है तो अब व्यापारी भी अपने आपको एक वोट बैंक में बदलने से नहीं चूकेंगे !

यह विदेशी ई कॉमर्स कंपनियां ईस्ट इंडिया कंपनी के रूप में काम कर रही हैं जिससे देश के रिटेल बाजार, ई कॉमर्स व्यापार सहित देश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है इस दृष्टि से अब यह जरूरी हो गया है की व्यापारी संगठनों के अलावा देश में व्यापारियों के जरिये काम कर रही बड़ी कंपनियों साथ मिलकर एक साझा मंच बनाया जाए वही देश के रिटेल व्यापार के विभिन्न नामचीन विशेषज्ञ जैसे स्वामी रामदेव, सुहेल सेठ, एस. गुरुमूर्ति तथा ट्रांसपोर्ट के संगठन आल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, हॉकर्स के संगठन नेशनल हॉकर्स फेडरेशन, किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान मंच, लघु उद्योग भारती, स्वदेशी जागरण मंच, राष्ट्रीय एमएसएमई फोरम, उपभोक्ताओं के संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत सहित अर्थव्यवस्था के अन्य वर्गों के प्रमुख संगठनों को भी इस अभियान से जोड़कर एक बृहद बनाकर सामूहिक रूप से इस लड़ाई को देश भर में लड़ा जाएगा !

भारत का व्यापार भारत में ही रहना चाहिए और उसका लाभ भी देश के उपभोक्ताओं, व्यापारियों एवं उद्योग को मिलना चाहिए, इस दृष्टि से सम्मेलन ने यह निर्णय लिया है की यह एक बड़ी लड़ाई है और किसी भी विदेशी कम्पनी को ईस्ट इंडिया कम्पनी बनने से रोकने में देश के सभी वर्गों को अब एक मंच पर लाना जरूरी है तभी देश के ई कॉमर्स एवं रिटेल व्यापार को इन विदेशी कंपनियों के कुटिल चंगुल से बचाया जा सकता है।

सरकार द्वारा बनाये गए ई कॉमर्स के नियम देसी अथवा विदेशी सभी ई कॉमर्स कंपनियों पर समान रूप से लागू होने चाहिए जिससे कोई भी कम्पनी ई कॉमर्स व्यापार को अपना बंधक न बना सकें।

कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष श्री अर्जुनदास आहुजा ने तथा आभार प्रदर्शन सहसचिव श्री स्वप्निल अहिरकर ने किया।

इस अवसर पर चेंबर के सर्वश्री – अध्यक्ष – अश्विन मेहाड़िया, पुर्व अध्यक्ष – बी.सी. भरतियाजी, प्च्च् – हेमंतजी गांधी, उपाध्यक्ष – अर्जुनदास आहुजा, फारूखभाई अकबानी, संजय के. अग्रवाल, कोषाध्यक्ष – सचिन पुनियानी, सहसचिव – शब्बार शाकिर, स्वप्निल अहिरकर, जनसंपर्क अधिकारी – राजवंतपाल सिंग तुली, तथा मोहन चोईथानी, मनोहरलाल आहुजा, रमन पैगवार, महेश कुकडेजा, अॅड. निखिल अग्रवाल, प्रभाकर देशमुख, सुनिल जग्यासी, प्रकाश हेडा, मनोहरलाल आहुजा, कैट नागपुर के अध्यक्ष श्री किशोर धाराशिवकर, गोविंद पटेल, आनंद भुतडा, विक्रांत भालगोटे, अशोक बियानी, समित जैन, अजय कानतोडे, सुभाष जोबनपुत्रा, रविन्द्र हर्दवानी, श्रीमती ज्योति अवस्थी, श्रीमती नितु नायक, मोहम्मद आदि, पुरूषोत्तम जैन व बड़ी मात्रा में व्यापारी उपस्थित थे।

उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति द्वारा उपाध्यक्ष श्री अर्जुनदास आहुजा ने दी।

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