Published On : Fri, Oct 6th, 2017

GST काउंसिल की बैठक के बाद बोले जेटली, ई-वॉलेट में जाएगा व्यापारियों के रिटर्न का पैसा


नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद शुक्रवार को छोटे व्यापारियों को काफी राहत मिली है। लंबी चली बैठक में कई राज्यों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में छोटे व्यापारियों के सामने आ रही दिक्कतों पर विचार विमर्श किया गया।

मीडिया से बातचीत में जेटली ने बताया कि इस बैठक में जीएसटी के बाद के हालातों और निर्यातकों के रिफंड पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि निर्यातकों के संबंध में बैठक में गहन चर्चा हुई। हमने फैसला किया है कि निर्यातकों को जल्द जुलाई अगस्त का रिफंड दिया जाएगा। 10 अक्टूबर से जुलाई का तो 18 अक्टूबर से अगस्त का रिफंड शुरू होगा।

जेटली ने बताया कि ई वालेट रिफंड का पैसा जाएगा। जिसकी व्यवस्था अप्रैल 2018 से शुरू होगी। हर निर्यातक का एक ई-वालेट बनेगा।

दिवाली से पहले सरकार ने ज्वेलर्स के लिए तोहफे का पिटारा खोलते हुए 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर पैन और आधार की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब दो लाख रुपये से ज्यादा के गहनों की खरीदारी पर ही पैन और आधार अनिवार्य होगा।

साथ ही उनके द्वारा दाखिल किए जाने वाले रिटर्न की अवधि को भी त्रैमासिक किया गया। वहीं जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबारियों को भी बड़ी राहत दी गई है। उनके लिए जारी जीएसटी नोटिफिकेशन को सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है और उसके स्थान पर नया अध्यादेश लाने पर विचार किया जाएगा।

पहले वैट व्यवस्था के अन्तर्गत तीन महीनों में रिटर्न दाखिल करने का प्रावधान था मगर जीएसटी लागू होने के बाद छोटे-बड़े व्यापारियों को हर माह रिटर्न दाखिल करना पड़ रहा था, जिससे उनको काफी परेशानी हो रही थी।

कम्पाउंडिंग स्कीम के तहत 75 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिया गया है। ऐसे कारोबारी 3 महीने पर बिक्री का कुल 1 फीसदी जमा कर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।

वहीं कंपाउंडिग डीलरों को दूसरे राज्यों में माल बेचने का अधिकार और इनपुट सब्सिडी का लाभ देने के मामले में 5 सदस्यीय मंत्रियों के समूह ने निर्णय लिया।

यह जानकारी बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्विटर हैंडल पर दी। उन्होंने लिखा है कि रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को अगले साल 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। इससे अब छोटे कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी।