Published On : Fri, Jun 2nd, 2017

विद्यार्थियों के लिए 4 जून को मिशन-जीने दो महारैली

Mission JIne do grand Rally PC
नागपुर:
बारहवीं कक्षा का रिजल्ट घोषित हो चुका है. अब दसवीं कक्षा के रिजल्ट का इंतजार चल रहा है. रिजल्ट के परिणामों को लेकर कई बार विद्यार्थी आत्महत्या जैसे घातक कदम तक उठा लेते हैं. इन घटनाओं मे कई बार विद्यार्थियों के परिजनों की भी गलती होती है तो कई बार समाज में रह रहे लोगों की भी. इन बढ़ती आत्महत्याओं को रोकने और विद्यार्थियों के साथ ही उनके परिजनों में भी जागरूकता लाने के उद्देश्य से रविवार 4 जून को स्वयम संस्था की और से मिशन – जीने दो महारैली का आयोजन किया जा रहा है. इस महारैली में करीब 2 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान संस्था अध्यक्ष विशाल मुत्तेमवार ने लगाया है. गुरुवार को तिलक पत्रकार भवन में आयोजित पत्र परिषद के दौरान वे बोल रहे थे.

उन्होंने बताया कि करीब 37 सामाजिक संस्थाएं इस उपक्रम में उनका साथ दे रही हैं. और 50 से ज्यादा संस्थाओं के जुडने की उम्मीद उन्होंने जताई है. उन्होंने बताया कि 4 जून को सुबह 8 बजे संविधान चौक से यह महारैली निकलेगी. उसके बाद वैरायटी चौक, झांसी रानी चौक, विश्वविद्यालय ग्रंथालय चौक, अलंकार टॉकीज चौक, टांगा स्टैंड चौक होते हुए इस महारैली का समापन ट्रैफिक चिल्ड्रन पार्क में किया जाएगा. उन्हें बताया कि लोगों को जोड़ने के लिए व्हाट्सप मैसेज का भी सहारा लिया जा रहा है. संस्था का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक विद्यार्थियों तक और उनके अभिभावकों तक यह जानकारी पहुंच सके. उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के अभिभावकों से शपथ पत्र भी लिया गया था. उस पर उनके हस्ताक्षर भी लिए गए थे. जिसके बाद इन शपथ पत्रों के आधार पर मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी कि वे प्रत्येक कॉलेज और स्कूल में काउंसलिंग शुरू करें ताकि विद्यार्थी पर परीक्षा के समय दबाव ना आए.

एस.एम झाड़े फाउंडेशन की डॉ. शर्मिष्ठा भी इस पत्र परिषद् में मौजूद थी. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की जब बच्चे परीक्षा के समय तनाव में रहते है. तो बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उसे साइक्याट्रिस्ट के पास न ले जाकर उसे सायकोलॉजिस्ट के पास लेकर जाए और उसकी काउंसलिंग कराए. जिससे की उसके दिमाग में दबाव और तनाव न रहे.

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नो योर टैलेंट की डॉ. रश्मि शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया की परिजनों को जब भी लगे बच्चे को समझ नहीं पा रहे है तो उसे तुरंत मार्गदर्शन के लिए सायकोलॉजिस्ट के पास लेकर जाए. बच्चों की छोटी छोटी बातों पर परिजनों के ध्यान देने की जरुरत है.

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आगाज फाउंडेशन के विवेक पंचबुद्धे ने दौरान कहा की दसवीं और बारवीं के दौरान बच्चे परिजनों के साथ ही कभी कभी दोस्तों के कारण भी तनाव में आते है. किसी को परसेंटेज कम या ज्यादा मिलते है. तब भी ऐसी स्थिति आती है. ऐसे में विद्यार्थियों की काउंसलिंग बहोत जरुरी हो जाती है.

इस पत्र परिषद में दिशा इंस्टिट्यूट के डॉ.पुष्पक पांडव, इंडियन इंस्टिट्यूट के किशोर डोबले, सेंटर फॉर प्रनिक हेल्थ एंड योगा के अभिषेक शर्मा मौजूद थे. रविवार को होनेवाली इस महारैली में इस अभियान से जुडी सभी संस्थाए शामिल होगी. इस रैली में शामिल होने के लिए विद्यार्थी,अभिभावक और अन्य संस्थाए 9049763849, 0712- 2750795 पर संपर्क कर सकते है.

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