
● ’अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ थीम पर UMI सम्मेलन आयोजित; केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया उद्घाटन
● डिजिटल नवाचारों के जरिए शहरी गतिशीलता को गति देने वाली महामेट्रो की तकनीक बनी मुख्य केंद्रबिंदु
● अतिथियों ने महामेट्रो के ई-स्कूटर की सवारी कर स्वयं लिया जायजा
भुवनेश्वर: १९वें ‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया’ (UMI) सम्मेलन का उद्घाटन आज भुवनेश्वर (ओडिशा) में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू के कर-कमलों द्वारा उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन का आयोजन ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन द डिजिटल एज’ (Urban Accessibility and Livability in the Digital Age) की मुख्य थीम पर किया गया है।
उद्घाटन समारोह में ओडिशा के आवासन, शहरी विकास एवं सार्वजनिक नीति मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री सत्येंद्र सिंह, ओडिशा सरकार की मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग तथा आवासन एवं शहरी विकास विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती उषा पाढ़ी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
डिजिटल नवाचार से शहरी गतिशीलता; गणमान्य अतिथियों ने किया महामेट्रो स्टॉल का दौरा:
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और ओडिशा के शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र ने महामेट्रो के स्टॉल का दौरा कर उद्घाटन किया। महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डीकर ने दोनों गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया तथा स्टॉल पर प्रदर्शित विभिन्न पहलों की विस्तृत जानकारी साझा की।
इस प्रदर्शनी में महामेट्रो ने डिजिटल नवाचार के माध्यम से शहरी सुगमता और गतिशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई अत्याधुनिक प्रणालियों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
1. डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट डैशबोर्ड (Digital Project Management Dashboard): परियोजनाओं के तीव्र और पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु रियल-टाइम नियंत्रण।
2. परिचालन एवं अनुरक्षण डिजिटल रूपांतरण (O&M Digital Transformation): मेट्रो के दैनिक संचालन और रखरखाव में आधुनिक डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग।
3. डिजिटल आई एवं मास्टरमाइंड (Digital Eye & Mastermind): सुरक्षा और सटीक निगरानी के लिए उन्नत तकनीक का समन्वय।
4. सीमलेस ‘वन ऐप’ जर्नी (Seamless ‘One App’ Journey): यात्रियों को टिकट बुकिंग से लेकर संपूर्ण यात्रा का एकीकृत और सुगम डिजिटल अनुभव।
5. स्मार्ट और कनेक्टेड मोबिलिटी (Smart & Connected Mobility): अंतिम छोर (लास्ट-माईल) तक निर्बाध आवागमन के लिए एकीकृत कनेक्टिविटी।
6. सोशल मीडिया एंगेजमेंट (Social Media Engagement): यात्रियों के साथ सीधे संवाद और त्वरित सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु प्रभावी डिजिटल माध्यम।
स्टॉल पर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे ‘ई-स्कूट’ (e-scoot) को श्री तोखन साहू और डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र ने स्वयं चलाकर देखा और महामेट्रो की इस पर्यावरण-अनुकूल, सतत तथा डिजिटल पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। ‘फर्स्ट एंड लास्ट माईल कनेक्टिविटी’ के लिए पुणे शहर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई इस सेवा को नागरिकों की बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है।
देश के २६ शहरों में मेट्रो सेवा, प्रतिदिन १.२५ करोड़ यात्री उठा रहे लाभ – तोखन साहू:
उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने देश में मेट्रो नेटवर्क के तीव्र विस्तार का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया, “भारत के २६ शहरों में मेट्रो सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं और प्रतिदिन १.२५ करोड़ से अधिक नागरिक मेट्रो से यात्रा कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल परिवहन प्रणाली और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से शहरी आवागमन अधिक सुगम व तेज हुआ है, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।
५२ प्रतिशत नागरिक करते हैं दोपहिया वाहनों का उपयोग – सचिव सत्येंद्र सिंह:
केंद्रीय सचिव श्री सत्येंद्र सिंह ने परिवहन प्रणाली से जुड़े एक महत्वपूर्ण सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए अपने विचार रखे। जुलाई २०२५ से जनवरी २०२६ के दौरान देश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था पर एक गहन सर्वेक्षण कराया गया था। इस सर्वेक्षण के निष्कर्षों के अनुसार, देश भर में कुल यात्रियों में से ५२ प्रतिशत लोग दोपहिया (टू-व्हीलर) वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि दोपहिया वाहन चालकों के इस बड़े वर्ग के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक, आधुनिक और सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तैयार करना आज के समय की प्रमुख आवश्यकता है।



