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    Published On : Thu, May 27th, 2021

    अच्छे विचार अच्छा सोचना चाहिए- आचार्यश्री गुप्तिनंदीजी

    नागपुर : नकारात्मक सोचना छोड़ देना चाहिए अच्छे विचार, अच्छे सोचना चाहिए यह व्याख्यान वाचस्पति दिगंबर जैनाचार्य गुप्तिनंदीजी गुरुदेव ने विश्व शांति अमृत ऋषभोत्सव अंतर्गत श्री. धर्मराजश्री तपोभूमि दिगंबर जैन ट्रस्ट और धर्मतीर्थ विकास समिति द्वारा आयोजित ऑनलाइन धर्मसभा में दिया.

    गुरुदेव ने धर्मसभा में कहा कोरोना काल में हमें अपनी आत्म शक्ति को बढ़ाना हैं, आत्म बल को बढ़ाना हैं, आत्म विश्वास को बढ़ाने के लिए ऋषि, मुनि, साधु उनकी संगति को प्राप्त करना हैं, निरंतर जिन आराधना, जिन भक्ति करना हैं. बुरा सोचना बंद कर देंगे तो ना बुरा देखना होगा और ना बुरा सुनना होगा. नकारात्मक सोचना छोड़ देना चाहिए, अच्छे विचार, अच्छा सोचना चाहिए. कोरोना से बचना मंत्र शक्ति हैं, जिन भक्ति हैं. कोरोना से उत्तम सोच ही बचा रही हैं.

    हमारे शब्द हमारे विचार बन जाते हैं- आचार्यश्री अनुभवसागरजी

    आचार्यश्री अनुभवसागरजी गुरुदेव ने धर्मसभा ने कहा हमारे शब्द हमारे विचार बन जाते हैं, हमारे शब्द क्रिया बन जाती हैं. क्रिया हमारा विश्व बन जाता हैं. आहार दान साधुओं के संयम साधना के लिए आवश्यक हैं. आहार दान साधुओं की दिनभर की क्रियाओं के लिए आवश्यक हैं.

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