गोंदिया। शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग के जानलेवा शौक और चंद लाख रुपयों के लालच ने एक 21 साल के नौजवान को ऐसा खूनी बना दिया कि उसने अपने ही गांव के 61 वर्षीय बुजुर्ग को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। मामला गोंदिया जिले के आमगांव थाना अंतर्गत ग्राम बोथली का है, जहां जमीन सौदे के फंसे 4 लाख लौटाने के दबाव से बचने के लिए आरोपी प्रॉपर्टी दलाल अजय शामराव ब्राह्मणकर ने बुजुर्ग चंद्रशेखर भास्कर दहीकर (गुरुजी) की ईंट से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देकर शव को झाड़ियों में छिपा दिया गया था, लेकिन कानून के लंबे हाथों से आरोपी बच नहीं सका। गोंदिया स्थानीय अपराध शाखा (LCB) की टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र के दम पर महज 12 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए कातिल को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
टोकन मनी की रकम , शेयर बाजार में गवां बैठा
पुलिस तफ्तीश में सामने आई कहानी रोंगटे खड़े करने वाली है। 61 वर्षीय मृतक चंद्रशेखर दहीकर अकेले रहते थे। सितंबर 2026 में उन्होंने अपनी जमीन बेचने के लिए गांव के ही प्रॉपर्टी दलाल अजय ब्राह्मणकर को मध्यस्थ बनाया था। खरीदार से 5 लाख रुपये टोकन मनी मिली, जिसमें से 4 लाख रुपये अजय के बैंक खाते में विश्वास से जमा कराए गए थे।
जमीन दस्तावेजों में खामी के चलते रजिस्ट्री नहीं हो सकी और पार्टी से सौदा टूट गया। तय शर्तों के मुताबिक खरीदार को 27 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक रकम वापस करनी थी। दहीकर गुरुजी लगातार अजय से अपने 4 लाख रुपये मांग रहे थे। इधर, लालच में आकर अजय ने उन पैसों से शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग कर डाली और देखते ही देखते करीब साढ़े तीन लाख रुपये गंवा दिए।
खौफनाक रात: रास्ते में घेरा, ईंट से किए जानलेवा वार
27 अक्टूबर की दोपहर तक पैसे लौटाने का आखिरी वक्त था। बैंक खाता खाली हो चुका था और दबाव लगातार बढ़ रहा था। इस दबाव से बचने के लिए 21 वर्षीय अजय ने बुजुर्ग को ही रास्ते से हटाने की साजिश रची।
26 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे, जब दहीकर गुरुजी गांव से पैदल घर लौट रहे थे, आरोपी उनके घर के पास घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही बुजुर्ग नजदीक पहुंचे, अजय ने भारी ईंट उठाकर उनके सिर और छाती पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। लहूलुहान गुरुजी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद उसने शव को घर के सामने झाड़ियों में घसीटकर फेंक दिया और फरार हो गया।
झाड़ियों में लाश मिलते ही दौड़ी पुलिस, 12 घंटे में दबोचा
27 अक्टूबर की सुबह करीब 11:30 बजे बोथली के खेत परिसर में झाड़ियों के बीच खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्राम जवरी निवासी पुलिस पाटिल शकुंतला पाथोडे की शिकायत पर आमगांव थाने में BNS की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज हुआ।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे और अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे ने तत्काल लोकल क्राइम ब्रांच को मोर्चे पर लगाया। LCB पीआई रेवचंद सिंगनजुडे की अगुवाई में टीम ने गांव के संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ीं। चंद घंटों में शक की सुई सीधे अजय पर जा टिकी। हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने टूटते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया और सारी कहानी बयां कर दी।
इस अंधे कत्ल का 12 घंटे में पर्दाफाश करने में LCB पुलिस निरीक्षक रेवचंद सिंगनजुड़े , एपीआई अमरदीप खाड़े , एएसआई राजू मिश्रा , साइबर सेल के एपीआई देवीदास ठमके समेत अपराध शाखा और साइबर सेल के 20 से अधिक जवानों ने अहम भूमिका निभाई।
रवि आर्य



