Published On : Wed, Sep 18th, 2019

गोंदिया : ठेकेदार से रिश्‍वत लेते ग्राम सेवक पकड़ाया

गोंदिया में नौकरशाही का भ्रष्टाचार बहुत व्यापक हो चला है

गोंदिया: भ्रष्टाचार हमारे नैतिक जीवन मुल्यों पर सबसे बड़ा प्रहार है। घूसखोरी में विश्‍वास रखने वाले लोग अपने स्वार्थ में अंधे होकर न सिर्फ अपने डिपार्टमेंट का नाम बदनाम करते है बल्कि यह बीमारी एक दीमक की तरह पूरे देश को खाए जा रही है, समाज में विभिन्न स्तरों पर फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कठोर दंड की व्यवस्था की जानी चाहिए तभी इस पर अंकुश लगेगा?

गोंदिया एसीबी विभाग ने अपने स्वार्थपूर्ति के लिए गलत आचरण करने वाले घूसखोर ग्रामसेवक को ठेकेदार से रिश्‍वत लेते आज 18 सित. को धरदबोचा। अब वह हवालात की हवा खा रहा है।

एसीबी सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार गोसाईटोला (पो. सरकारटोला) निवासी शिकायतकर्ता यह पेशे से ठेकेदार है तथा उसने वर्ष 2018-2019 में जिला परिषद गोंदिया के माध्यम से गोसाईटोला से नंगपुर्रा जाने वाले मार्ग पर नाले के मोरी (जल निकासी बांधकाम) का कार्य किया था।

इस संपूर्ण निर्माण बांधकाम की मजदूरी रकम 1 लाख 59 हजार 400 रू. का बिल बनाकर ठेकेदार ने पंचायत समिति आमगांव में सादर किया था।
आरोपी प्रल्हाद चौधरी (45) यह आमगांव तहसील के ग्रा.पं. गोसाईटोला (कट्टीपार) का ग्राम सेवक है, जिससे फिर्यादी ठेकेदार ने 12 सितंबर को बकाया बिल के भूगतान के संदर्भ में भेंट की जिसपर आरोपी ने बिल का धनादेश बनाकर देने हेतु शिकायतकर्ता से 2 हजार रूपये रिश्‍वत की डिमांड की।

शिकायतकर्ता यह चढ़ावे की रकम देने का इच्छुक नहीं था लिहाजा उसने 17 सित. को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग दफ्तर पहुंच अपनी शिकायत दर्ज करायी जिसपर आज 18 सितंबर बुधवार को एसीबी टीम ने ग्रा.पं. गोसाईटोला में जाल बिछाया और आरोपी को ठेकेदार से 2 हजार रूपये की घूस पंच व गवाहों के समक्ष स्वीकारते हुए धरदबोचा।

पकड़े गए घूसखोर ग्रामसेवक प्रल्हाद चौधरी के खिलाफ आमगांव थाने में धारा 7 भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायदा की सुधारित कलम 2018 के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।

यह छापामार कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रश्मी नांदेडकर तथा अप्पर पुलिस अधीक्षक राजेश दुद्दलवार (एसीबी नागपुर) के मार्गदर्शन एंव पुलिस उपअधीक्षक रमाकांत कोकाटे के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक शशीकांत पाटिल, सपोनि विजय खोब्रागड़े, पो.ह. राजेश शेंद्रे, पुलिस कर्मचारी रंजित बिसेन, दिंगबर जाधव, नितिन रहांगडाले, राजेंद्र बिसेन, देवानंद मारबते द्वारा की गई।

रवि आर्य