Published On : Thu, Jul 22nd, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया: कैटल रन ओवर हादसों के कारण ट्रेनों के संचालन पर प्रतिकूल असर

रेलवे प्रशासन चिंतित , घटनाओं की रोकथाम हेतु RPF ने चलाया जागरूकता अभियान

गोंदिया। पिछले कुछ वर्षों से कैटल रन ओवर ( ट्रेन से मवेशी कटना ) , मेन रन ओवर तथा शरारती तत्वों द्वारा चलती गाड़ी पर पत्थरबाजी ( स्टोन पेल्टींग ) जैसी घटनाएं बढ़ जाने से परेशान रेलवे प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू किया है ताकि ऐसी अनापेक्षित घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

गौरतलब है कि कैटल रन ओवर होने के कारण ट्रेनों के संचालन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है लिहाज़ा ऐसी घटनाओं को लेकर नागपुर मंडल बेहद गंभीर है रेलवे ट्रैक पर आवारा पशुओं के विचरण को रोकने के लिए संरक्षा कर्मियों के साथ ही आरपीएफ को भी निर्देशित करते कहा गया है कि- ट्रेनों के संचालन में चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी ? ट्रकों पर खास निगरानी की जाए, घटना की रोकथाम के लिए लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।

रेसुब के सुरक्षा आयुक्त पंकज चुघ , सहायक सुरक्षा आयुक्त एस.डी देशपांडे के मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल थाना गोंदिया के उप निरीक्षक उषा बिसेन , उपनिरीक्षक सी.के.पी टैंभूर्णेकर , सहायक उप निरीक्षक रोशन कुंभरे, प्रधान आरक्षक ए.ई.नगराले , एस.के नेवारे व अन्य रेलवे सुरक्षा बल सदस्यों ने बुधवार 21 जुलाई को अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करने की पहल शुरू की है कि वह मवेशियों को रेलवे ट्रैक पर ना छोड़ें , बेसहारा पशु रेल पटरी के पास न जाएं ताकि केटल रन ओवर की घटना ना हो ।

रेल यातायात बाधित ना हो इसलिए सुरक्षित रेल फाटक को पार करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देशों के अनुपालन की सलाह देते हैं बताया गया कि लापरवाही से रेलवे ट्रैक पार करने से जान का खतरा हो सकता है ? साथ ही ट्रेन में सफर कर रहे अनेकों यात्रियों के लिए भी मुसीबत हो सकती है।

शरारती तत्वों द्वारा चलती गाड़ी पर पत्थरबाजी (स्टोन पेल्टींग ) जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए गोंदिया क्षेत्राधिकार के दर्रेकसा , आमगांव , गुदमा तथा समपार रेलवे फाटकों पर बुधवार 21 जून को जागरूकता अभियान चलाया गया ।

इस दौरान स्थानीय सरपंचों एवं ग्रामीणों से मुलाकात कर उक्त अभियान के संदर्भ में जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया गया।
उक्त जन जागृति अभियान में सैकड़ों ग्रामीण एवं रोड यूजर्स को जागरुक किया गया है ताकि अनापेक्षित घटनाओं की रोकथाम की जा सके।
रवि आर्य