Published On : Fri, May 8th, 2020

गोंदिया- नरभक्षी बाघिन पिंजरे में कैद

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बेहोशी का इंजेक्शन देकर वन विभाग टीम ने पकड़ा

गोंदिया पिछले दो माह से गोंदिया , तिरोड़ा, गोरेगांव वन परिक्षेत्र में आतंक मचाने वाली नरभक्षी बाघिन को कल 7 मई गुरुवार शाम तिरोड़ा वनपरिक्षेत्र के नवरगांव जंगल में गुमाडोह तालाब परिसर निकट बेहोशी का इंजेक्शन देकर उसे शांत कर पिंजरे में कैद कर लिया गया।

जंगल में 4 इंसानों पर हमला कर ली थी जान
इस नरभक्षी बाघिन ने 28 मार्च को धानुटोला के कटेरी पहाड़ी के निकट आदिवासी किसान भलावी पर हमला करते हुए उसे मौत के घाट उतार दिया था तत्पश्चात 15 अप्रैल को मंगेझरी के जंगल में महुआ फूल चुनने गई तुमसरे नामक महिला पर इसने हमला कर उसकी भी जान ले ली। इसी तरह ब्रह्मपुरी वन परिक्षेत्र के गांवों में भी आतंक मचाते इस बाघिन ने दो पुरुषों पर हमला कर उन्हें मार डाला था। लगातार घटित हो रही घटनाओं से नागझीरा- नवेगांव टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे ग्राम धानुटोला , मंगेझरी , गोविंदटोला , इंदौरा , खर्रा , पांगड़ी , बोदलकसा, आसलपानी , घोटी क्षेत्र के निवासियों के बीच इस नरभक्षी बाघिन को लेकर खासी दहशत व्याप्त थी।

ट्रैप कैमरों की मदद से 16 टीमों ने इसे खोज निकाला
राष्ट्रीय व्याघ्र संवर्धन प्राधिकरण संस्था ( दिल्ली ) इनके मार्गदर्शन पश्चात इस नरभक्षी बाघिन को पकड़ने हेतु 28 अप्रैल को आर्डर जारी किए गए।
जंगल में इसकी खोजबीन हेतु वन विभाग और वाइल्डलाइफ विभाग की 16 टीमें तैयार की गई। इस दौरान जंगल में लगे ट्रैप कैमरे तथा घटनास्थल पर लगे ट्रैप कैमरे से बाघिन की फोटो मिली इन तस्वीरों का मिलान कर यह निष्कर्ष निकाला गया कि‌ ब्रम्हपुरी से नवेगांव ताडोबा कॉरिडोर होते हुए बाघिन नागझीरा टाइगर रिजर्व से सटे गोंदिया ,तिरोडा , गोरेगांव वन परिक्षेत्र में पहुंची है।

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तकनीकी समिति तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा निर्देशों अनुसार मुख्य वन्यजीव रेंजर और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) महाराष्ट्र राज्य के आदेश पर पेंच टाइगर प्रोजेक्ट के पशु चिकित्सा अधिकारी और सुसज्जित बचाव दल के साथ गोंदिया वनविभाग टीम ने इसे पकड़ने हेतु रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया । 7 मई 2020 को नवगांव झील (गुमाडोह तालाब) के निकट यह नरभक्षी बाघिन दिखाई दी जिसपर बचाव दल के डॉ. चेतन पातोंड ( पशु चिकित्सा अधिकारी पेंच टाइगर प्रोजेक्ट ) डॉ. नंदकिशोर खोड़सकर (पशु चिकित्सा अधिकारी नवेगांव बांध- नागझीरा टाइगर प्रोजेक्ट) डॉ. विवेक गजरे(पशु चिकित्सा अधिकारी ,एकोड़ी) ने बेहोशी का इंजेक्शन देकर नरभक्षी बाघिन को शांत कर दिया तत्पश्चात उसे पिंजरे में कैद कर लिया गया।

इस संपूर्ण कार्रवाई का संचालन एम रामानुजम (क्षेत्र निदेशक और वन संरक्षक नवेगांव नागजीरा टाइगर प्रोजेक्ट ) एस.युवराज (उप वन संरक्षक गोंदिया) कु. पूनम पाटे ( उपनिदेशक नवेगांव -नागजीरा टाइगर प्रोजेक्ट साकोल)उत्तम सावंत ( विभागीय वनअधिकारी वन्यजीव , नवेगांव- नागजीरा बाघ परियोजना) आर.आर सदगिर (सहा. वन संरक्षक तेंदु और कैंपा ) रेंजर फॉरेस्ट ऑफीसर शेषराज आखरे (तिरोडा) सुशील नंदवते ( गोंदिया )प्रवीण सोनवाने (गोरेगांव) के साथ वन विभाग गोंदिया अधिकारी व कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

रवि आर्य

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