Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Mon, Nov 16th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदिया:करंट लगाकर बाघ का शिकार

    नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प के बफर जोन गोंदिया वन परिक्षेत्र के मुंडीपार राउंड के चुटिया बीट के ग्राम लोधीटोला स्थित खेत से दुर्गंध और बदबू आने की सूचना रविवार देर शाम वन अधिकारियों को प्राप्त हुई।

    वन विभाग के गश्ती दल ने आज सोमवार 16 नवंबर को ग्राम लोधीटोला जाकर देखा तो श्री पटले और श्री टेंभरे के खेत में मृत बाघ तथा उसके अवशेष टुकड़े-टुकड़े के रूप में पड़े थे बाघ का शव पूरी तरह से सड़ चुका था, बताया जा रहा है कि शव के अवशेष लगभग 1 सप्ताह पुराने हैं।

    प्रथम दृष्टया यह लग रहा है कि ढाई से 3 वर्षीय बाघ की मौत करंट लगने से हुई है , विद्युत प्रवाहित तारों का जाल बिछाकर करंट लगाकर शिकार की आशंका व्यक्त की जा रही है। गौरतलब है कि गोंदिया तहसील के ग्राम चुटिया और लोधीटोला का एक हिस्सा नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प के सीमा में आता है जहां वन्यजीव खुले में विचरण करते दिखाई देते हैं।

    इस इलाके के जंगल में वन विभाग की गश्त ना के बराबर है रहती है नतीजतन हिरण , जंगली सूअर , सांभर के करंट देकरंंंं शिकार की खबरें यहां से आए दिन आती रहती हैं इस बार एक टाइगर के अवशेष मिले हैं

    संभावना व्यक्त की जा रही है चुटिया बीट के लोधीटोला परिसर में विद्युत तारों का जाल बिछाया गया होगा जिसकी चपेट में आकर विद्युत करंट से बाघ की मृत्यु हो गई।

    यह घटना उजागर ना हो सके
    इस मकसद से शिकारियों ने मृत बाघ के धारदार शास्त्र से उसके टुकड़े-टुकड़े कर अवशेष खेत परिसर में फेंक दिए।
    धान कटाई का सीजन चल रहा है किसानो को खेत से बदबू और दुर्गंध आने लगी जिस पर उन्होंने नजदीक जाकर देखा तो मृत बाघ के अवशेष दिखाई दिए जिसकी जानकारी उन्होंने वन विभाग को दी।

    उप वन संरक्षक कुलराज सिंग, सहायक वन संरक्षक आर.आर सदगीर एस. के. आकरे , श्री साठवने, बी.डी दखने , ०एस.आर. श्रीवास्तव , वनपाल दुर्रानी , मुकेश भंडारकर , आर.आर काड़बांधे , वन्यजीव रक्षक मानद सदस्य सावन बहेकार , मुकुंद धुर्वे की उपस्थिति में श्वान ं पथक की मदद से मृत बाघ के अवशेष इकट्ठे किए गए। स्पाट पंचनामा पश्चात बाघ के अवशेष (सैंपल ) जांच के लिए भेजे गए हैं।

    पशु चिकित्सक डॉ. गजरे की उपस्थिति में मृत बाघ के अवशेषों को पांगड़ी नर्सरी तालाब निकट जलाया गया ‌।

    इस प्रकरण में शामिल शिकारियों की तलाश
    वन विभाग की टीम शिद्दत से कर रही है ‌
    समाचार लिखे जाने तक किसी पर भी मामला दर्ज नहीं किया गया है ना ही इस संदर्भ में किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी हुई है।

    रवि आर्य

    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145