Published On : Sun, May 10th, 2020

गोंदिया: प्यासे हिरण की जान गई और मनचलों की अदा ठहरी

सड़कों पर पसरा सन्नाटा जंगली जानवरों को शहर की तरफ खींच रहा

गोंदिया जिले पर निसर्ग का वरदान है शहर से सटे आसपास का इलाका भी घने वन परिक्षेत्र से घिरा है। कोरोना महामारी के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा है , संक्रमण से डरे लोग अपने घरों में कैद हैं। ऐसे में जंगली जानवरों को यह सुकून अपनी ओर खींच रहा है और भीषण गर्मी के चलते जंगल में कृत्रिम जल कुंभ और पानी के स्रोतों के सूख जाने की वजह से प्यासे पशु , पेयजल की तलाश में वन परिक्षेत्र से निकलकर शहरों तक पहुंच रहे हैं।

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ऐसा ही एक मामला गोंदिया के गणेश नगर इलाके में रविवार 10 मई के सुबह सामने आया। गोंदिया के पिंडकेपार वन परिक्षेत्र से होते हुए एक हिरण शहर की बस्ती में आ पहुंचा तथा गणेश नगर की सड़कों पर हिरण को घूमते हुए कुछ मनचलों ने देख लिया जिसपर अपने मोबाइल से उसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। सड़क पर अपने पीछे दौड़ती आ रही गाड़ी का शोर सुनकर तथा पीछा कर रहे लोगों से खुद को बचने के लिए हिरण गणेश नगर के बर्फ फैक्ट्री से सेल टैक्स कॉलोनी दिशा की ओर लगभग 2 किलोमीटर तक तेज गति से उछलते हुए सड़कों पर दौड़ता रहा , इस भागाभागी और आपाधापी के दौरान सड़क पर सामने दिशा से आ रहे बाइक ओर साइकिल जैसे वाहनों से विडियो में हिरण खुद को बचाने का प्रयास करता दिखाई दे रहा है।

कुछ लाइक्स और कमेंट्स पाने की चाह में वीडियो बनाया और वायरल किया
कुछ लाइक्स , कमैंट्स पाने की चाह में जिन मनचलों ने यह वीडियो बनाया उन्होंने इसे वायरल कर दिया जो सोशल मीडिया पर खूब चला ।
इसी बीच मृत हिरण के शरीर की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर गईं बताया जाता है कि बदहवास अवस्था मैं दौड़ता हुआ हिरण पास के एक टिंबर मर्चेंट की ओर भागा इस दौरान कटीले तारों और दीवार से टकरा गया जिसपर वह धराशाई होकर गिर पड़ा। इस जख्मी ओर प्यासे वन्यजीव हिरण की कुछ ही देर में हृदय गति रुक जाने की वजह से मृत्यु हो गई।

अब हिरण की मौत के लिए जिम्मेदार मनचलों के प्रति पशु पर्यावरण प्रेमियों का गुस्सा फूट पड़ा है तथा उन मनचलों को इसके लिए दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग हो रही है।

रवि आर्य

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