Published On : Wed, Apr 22nd, 2020

गोंदिया: कोरोना से लड़ाई में बचत समूह की महिलाओं का योगदान अहम

गोंदिया : कोरोना संकट से देश ओर महाराष्ट्र राज्य जूझ रहा है संक्रमित लोगों की संख्या और मृत्यु दर का आंकड़ा दिन -प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है ।आज तक इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन ( टीका ) उपलब्ध नहीं कराया गया है लिहाजा सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव है

21, 600 मास्क अब तक बनाए और बेचे है

महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम ) के तहत उत्कर्ष लोक संचालित साधन केंद्र के टेक्सटाइल बैग उद्योग निर्माण केंद्र में आधुनिक मशीनों से जिले में स्थापित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अब तक 21 ,600 मास्क अब तक बनाए और बेचे हैं । मास्क के उत्पादन ने इन महिलाओं को रोजगार का एक अच्छा स्त्रोत प्रदान किया है ।


जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में माविम के 6228 बचत समूहों की हजारों महिलाएं कोरोना वायरस के बारे में दुर्गम गांवों में घर-घर जाकर पोस्टरों और संदेशों के माध्यम से- घर पर रहें , सुरक्षित रहें… सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, हाथों को बार-बार धोते रहें और चेहरे पर मास्क लगाए रखें आदि संदेशों से लोगों में जागरूकता बढ़ा रही है तथा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मदद कर रही है ।

पैसों की निकासी के लिए माइक्रो एटीएम की व्यवस्था

बैंकों के बाहर गर्दी ना हो इसलिए माविम के तहत स्वयं सहायता समूह की 52 महिला बिजनेस कॉरस्पॉडेंट नक्सल प्रभावित गोंदिया जिले के दुर्गम आदिवासी बाहुल्य व दूरदराज के गांव में जाकर प्रधानमन्त्री जनधन योजना , किसान सम्मान योजना , उज्वला गैस योजना , संजय गांधी निराधार योजना , महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ( मनरेगा ) की अनुदान राशि को बैंक कॉरस्पॉडेंट के नाते घर तक पहुंचा रही हैं।

वे लोग जो अशिक्षित हैं , मजदूरी करते हैं या फिर लंबी पैदल यात्रा नहीं कर सकते , ऐसे लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे हैं।

गौरतलब है कि बैंकों के बाहर लंबी -लंबी कतारें लगे बिना आम जनता तक नकदी आसानी से पहुंच जाए इसी क्रम में पैसों की निकासी के लिए बायोमेट्रिक पद्धति से माइक्रो एटीएम का इस्तेमाल कर बैंक अकाउंट में बैलेंस चेक कर अपने पैसों की निकासी की जा सकती है वर्तमान में इस माइक्रो एटीएम के इस्तेमाल के लिए कोई चार्ज नहीं लगता है।

रवि आर्य