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    Published On : Mon, May 11th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदिया: जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों

    मुसीबत के वक्त मसीहा बनी रेलवे पुलिस

    गोंदिया: लाक डाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों की मांग थी कि उन्हें घर पहुंचाने के लिए ट्रेनों का इंतजाम किया जाए ।
    केंद्र सरकार के आदेश के बाद केरल ,तेलंगाना , कर्नाटक आदि दक्षिण के राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं तथा रेलवे बोर्ड द्वारा अब स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है। इन ट्रेनों में लाकडाउन दौरान फंसे हजारों उन मजदूरों को ले जाया जा रहा है जिन्हें राज्य सरकारों ने अधिकृत किया है।

    चलती गाड़ी में मजदूर की तबीयत बिगड़ी , ट्रेन गोंदिया रूकी
    इसी क्रम में लिंगापल्ली से भागलपुर के लिए निकली स्पेशल श्रमिक ट्रेन नंबर 07013 इसे गोंदिया रेलवे स्टेशन पर 8 मई देर शाम रोक दिया गया ।
    दरअसल ट्रेन में सफर कर रहे मोहम्मद सरफराज ( 24 , त.डहुवा , जिला भागलपुर बिहार) नामक प्रवासी मजदूर की चलती गाड़ी में तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई थी उनके भाई नसीम अंसारी ओर साला आफताब आलम भी सरफराज के साथ गोंदिया स्टेशन उतरे। सरफराज को इलाज के लिए जिला केटीएस अस्पताल के आईसीयू वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है इसी बीच उसकी मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक निर्जलीकरण और रक्तचाप की समस्या से मृतक प्रवासी श्रमिक सरफराज ग्रस्त था।

    लाश पड़ी है ,पास पैसा नहीं .. जाएं तो जाएं कहां?
    मजदूर सरफराज की मृत्यु के बाद उनके दोनों साथियों नसीम और आफताब को यह नहीं सूझ रहा था कि अब सरफराज के पार्थिव शरीर को लेकर बिहार के भागलपुर तक कैसे जाएं , क्योंकि गरीब होने की वजह से पास में कोई पैसा कौड़ी भी नहीं था।मृतक के परिजनों द्वारा मदद की गुहार लगाने पर ऐसी विषम परिस्थितियों के बीच मानवता का परिचय देते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के थाना प्रभारी नंद बहादुर तथा ASI विनेक मिश्रा , पुलिस जवान – नेवारे ,नासिर खान ,आर.सी धुर्वे ने आगे आकर डॉक्टर से समन्वय कर डॉक्टर के निर्देशानुसार नियमों का पालन कर उन्हें आर्थिक मदद स्वेच्छा से करते हुए 15000 की सहायता राशि परिजनों को सौंपी , इतना ही नहीं एंबुलेंस सेवा और रास्ते के पास आदि का इंतजाम भी करके दिया तथा पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम डूहुवा जिला भागलपुर बिहार , सड़क मार्ग से लेकर जाने की समुचित व्यवस्था करके दी।
    इस तरह रेलवे पुलिस ने मुश्किल वक्त में मसीहा बनकर मानवता का कर्तव्य निभाया।

    रवि आर्य

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