Published On : Wed, Jun 30th, 2021

गोंदिया: किसानों की बल्ले-बल्ले , धान बोनस के पहले चरण में 450 करोड़ की निधि उपलब्ध

किसानों को बोनस राशि दिलाने का प्रफुल्ल पटेल ने किया था वादा , निभाया वचन

गोंदिया: गत खरीफ सीजन में महाविकास आघाड़ी सरकार ने जिला मार्केटिंग फेडरेशन तथा आदिवासी विकास महामंडल के धान खरीदी केंद्रों पर धान की बिक्री करने वाले किसानों को 700 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की थी, लेकिन धान बोनस मिलने में हो रही देरी के कारण बोनस मिलेगा या नहीं? इस पर असमजंस की स्थिति बनी हुई थी।

इस बीच सांसद प्रफुल पटेल ने गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी खरीफ सीजन में धान उत्पादकों को 700 रूपये प्रति क्विंटल धान बोनस देने का वादा किया था, उनके इस वादे के तहत अब राज्य सरकार ने बोनस के पहले चरण में 470 करोड़ रूपये की निधि उपलब्ध करा दी है, जिससे लॉकडाउन की स्थिति में संकट के दौर से गुजर रहे धान उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी।


विशेष उल्लेखनीय है कि, पूर्व विदर्भ में सर्वाधिक धान की खेती की जाती है, गोंदिया जिला धान उत्पादक जिला है, यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती पर ही निर्भर है।

गत 3-4 वर्षों में धान उत्पादन की लागत में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन उपज पर लगने वाली लागत और उसके कम दर पर बिक्री मूल्य से किसानों को धान की खेती घाटे का सौदा साबित हो रही थी लिहाजा धान उत्पादक किसानों की सुध लेते हुए सांसद प्रफुल पटेल ने मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ राज्य की तर्ज पर पूर्व विदर्भ के धान उत्पादक किसानों को 50 क्विंटल तक धान बोनस देने की घोषणा की थी और तब से वे किसानों को धान बोनस दिलाने के लिए प्रयासरत्त थे।

गत सप्ताह सांसद पटेल ने राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से भेंट करते हुए धान बोनस की राशि तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की थी जिसपर उन्होंने 8 दिनों के भीतर बोनस देने का आश्‍वासन दिया और आखिरकार अब बुधवार 30 जून को पहले चरण के रूप में बोनस के लिए 470 करोड़ की निधि उपलब्ध करायी गई है तथा शेष निधि 15 दिनों के अंदर उपलब्ध करा दी जाएगी।

किसानों को बोनस राशि दिलाने के लिए पूर्व विधायक राजेंद्र जैन, विधायक मनोहर चंद्रिकापुरे, राजु कोरमोरे द्वारा सांसद प्रफुल पटेल के माध्यम से लगातार सरकार से गुहार लगायी जा रही थी।

निधि उपलब्ध हो जाने से किसानों के खातों में धान बोनस की राशि जमा की जाएगी तद्हेतु किसानों ने सांसद पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

रवि आर्य