Published On : Tue, Mar 3rd, 2020

गोंदियाः मौत के यमदूत ट्रक ने मचाया सड़क पर कोहराम

नानी के घर जा रही बच्ची की ट्रक से कुचलकर दर्दनाक मौत

गोंदिया। शहर में बड़े लोडेड वाहनों के प्रवेश के लिए यूं तो समय निर्धारित है लेकिन जिला पुलिस प्रशासन व यातायात विभाग के आर्शीवाद से गोंदिया के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के वाहन कभी भी किसी भी वक्त भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश कर जाते है।

सड़क पर मौत के यमदूत बनकर दौड़ रहे इन वाहनों की वजह से अब तक न जाने कितने बेगुनाहों की जान जा चुकी है? लेकिन पुलिस की लच्चर कार्यप्रणाली का आलम यह है कि, वह दुरूस्त होने का नाम ही नहीं लेती।

आज एक तरफ इंदिरा गांधी स्टेडियम में पुलिस प्रशासन के फुटबॉल का आयोजन चल रहा था जिसमें बड़े अधिकारी से लेकर समस्त थाना प्रभारी लगे हुए है, वहीं दुसरी ओर सड़कों पर कानून की धज्जीयां उड़ रही थी।

दो बड़े सड़क हादसों की खबरों ने कोहराम मचा दिया और अभिभावकों के बीच दिनभर काफी बेचैनी बनी रही।

पंचायती पिटाई के डर से ड्राइवर-क्लीनर कूद भागे
मोदी पेट्रोल पंप से लेकर मटन मार्केट तक का पुराना बस स्टैंड रोड का इलाका अब ट्रांसपोर्ट जोन में तब्दील हो चुका है। घटना आज ३ मार्च शाम ५ बजे विधायक विनोद अग्रवाल के जनसंपर्क कार्यालय और महाराष्ट्र बैंक के बीच उस वक्त घटित हुई जब छोटा गोंदिया के चावड़ी चौक निवासी ५ वर्षीय बालिका राशी उमेश गद्दलवार यह एक्टिवा क्र. एमएच ३५/झेड. ७३२८ पर सवार होकर अपनी नानी के घर लक्ष्मीनगर (भीमनगर) जा रही थी। दुपहिया घर के पड़ोस में रहने वाला एक युवक चला रहा था इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ट्रक (क्र. यु.पी. ७८/सी.टी. ४९३३) के चालक ने ओवर टेक करने का प्रयास करते हुए एक्टिवा को जबरदस्त टक्कर दे मारी जिससे चालक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। स्कूटी और बच्ची ट्रक के ड्राइवर साइड के पहले चक्के की चपेट में आ गए जिससे बालिका की कुचलने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पंचायती पिटाई के डर से ड्राइवर व क्लीनर कैबिन से कूद भाग गए।

गुस्सायी पब्लिक ने किया थाने का घेराव
इस घटना से छोटा गोंदिया, सावराटोली और लक्ष्मीनगर इलाके के निवासियों में गुस्सा छा गया और बड़ी संख्या में पब्लिक शहर थाने में इक्कठी हो गई तथा २४ घंटे के भीतर आरोपी ड्राइवर व क्लीनर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे शहर में चक्काजाम करेंगे इस बात की खुली चेतावनी पार्षद सतीश मेश्राम, अक्षय गद्दलवार, राजेश करोसिया, वसंत ठाकुर, विजय बरोंडे, अमित करिया, सतिश समुंद्रे, विनित पाटिल, विशाल यादव, राजा खान, अंकित लदरे, सचिन राऊत, अभिजीत रघुवंशी, मनोज बरोंडे, योगेश सोनी, अनिकेत गद्दलवार, व्यंकट देशमुख, अमन बिरिया, साहिल चमकेल, पंकज पंचभाई, रवि परिहार, विजेंद्र रघुवंशी आदि ने पुलिस को दे दी।

गुस्सायी भीड़ का कहना था कि, अब सिटी में हैवी वाहन नहीं आना चाहिए तथा ट्रांसपोर्ट कारोबार को भी शहर से २-३ किमी दूर ट्रांसपोर्ट जोन बनाकर शिफ्ट करो, अन्यथा इसी तरह बेगुनाहों की जान जाती रहेगी।

मृत बच्ची के पिता के संदर्भ में बताया जाता है कि, वह बेहद गरीबी परिस्थिती का दिव्यांग है तथा अपनी आजीविका चलाने के लिए बाई गंगाबाई अस्पताल में चाय की टपरी चलाता है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मुव्हैया कराने की मांग भी उपस्थितों ने की। बहरहाल पुलिस का कहना है कि, फरार ड्राइवर व क्लीनर की तलाश की जा रही है तथा ट्रक को जब्त कर गोंदिया ग्रामीण थाने में लगा दिया गया है।

रवि आर्य